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💢इनाम फ्रेंड्स💢फोटो- 09 तालाब में लगा एरेशन सिस्टम। स्त्रोत : विभाग
️वेरिफाई क्लिक,अलवर शहर में साइबर ठगों ने 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को डिजिटल रूप से 7 दिन तक डराकर नियंत्रण में रखा और नई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 1 करोड़ 25 लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने एसपी से मिलकर अपनी आपबीती साझा की।
सब्सक्राइब इनाम, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 01:53 PM IST
सारछात्राओं के रोते-बिलखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एसडीएम, जिला शिक्षा अधिकारी और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे। तनाव के बीच दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ी और उन्हें सीएचसी में भर्ती करवाया गया।
सारBalotra News: सिणधरी थाना क्षेत्र के भाटा गांव की सरहद पर प्रेमी युगल ने संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। युवक के परिजन पहुंच गए और युवती के परिवार को सूचित कर दिया गया।
सारLeopard Attacks On Villagers: डूंगरपुर के गामड़ी अहाड़ा गांव में झाड़ी में छिपे तेंदुए ने तीन लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें एक गंभीर रूप से घायल हुआ। वन विभाग ने मोर्चा संभालते हुए उदयपुर से ट्रेंकुलाइज टीम बुलाई है। ग्रामीणों में भय का माहौल है।
मोबाइल, लाटघाट (आजमगढ़)। रौनापार थाना क्षेत्र में सोमवार को गबन के आरोपी मदरसा प्रबंधक पुलिस टीम को आता देखकर भागने लगा। इससे तबीयत बिगड़ गई। आरोपी की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर पुलिस लौट आई। वहीं परिजन प्रबंधक को निजी अस्पताल ले गए जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। इसके बाद उन्हें आजमगढ़ ले जाते समय प्रबंधक की रास्ते में मौत हो गई। वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। इसके बाद परिजनों ने थाने के सामने शव को रखकर प्रदर्शन किया।
इंस्टेंट क्लिक गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
अर्न फ्री, संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:41 PM IST







