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💢कूपन💢विस्तारFollow Usराजस्थान इन दिनों घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर अगले तीन दिनों के लिए बेहद घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से जारी की गई है। कोहरे के चलते प्रदेश में कई जगह सड़क हादसे भी हो रहे हैं। राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में भी घना कोहरा देखा जा रहा है। कई जगहों पर दृश्यता 20 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। रविवार को गंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर, भरतपुर, करौली, दौसा, डीग, धौलपुर व खैरथल-तिजारा बेहद घना कोहरा रहा।
️टास्क पॉइंट्स,संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Sun, 11 Jan 2026 06:51 AM IST
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
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सारजिले की देईखेड़ा पुलिस ने पंचायत सचिव से मारपीट कर फरार दो मुख्य आरोपियों को एक सप्ताह बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को सुरक्षा घेरे में बाजार से पैदल घुमाया गया।
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णियाPublished by:पूर्णिया ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:32 PM IST
मासिक इनवाइट, सारमध्यप्रदेश की पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बैतूल के शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में मिले जीआई टैग ने इस जनजातीय कला की प्रतिष्ठा और आर्थिक संभावनाओं को नई उड़ान दी है।
वीआईपी वेरिफाई सारबिलासपुर शहर में आज करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत का दौरा रहा। उन्होंने शहर पहुंचते ही क्षत्रिय समाज की बड़ी बैठक ली और साफ कहा कि 7 दिसंबर को रायपुर में देशभर का क्षत्रिय समाज एकजुट होकर जबरदस्त प्रदर्शन करेगा।
दिल्ली धमाके के बाद राजस्थान में तेज हुई सघन जांच- फोटो : अमर उजाला
डायमंड लाइक, विस्तारFollow Usगणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।







