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💢छोटा स्टूडेंट💢न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:कृष्ण बल्लभ नारायणUpdated Sat, 27 Dec 2025 09:27 AM IST
️अल्ट्रा अर्न,विस्तारFollow Usबदायूं के उसहैत कस्बा के वार्ड नंबर 11 में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। प्लॉट को समतल कराने के दौरान अचानक दीवार गिरने से उसके नीचे दबकर एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस माह कई व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री करेगा। एचएसवीपी ने ई-नीलामी का ब्योरा तैयार कर लिया है। 28 जनवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसवीपी ने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बोली की योजना तय की है। एचएसवीपी ने नीलामी के लिए नियमों में बदलाव किया है। बीते साल 19 सितंबर को संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, बहु मंजिला इमारतों के लिए अब केवल न्यूनतम दो ईएमडी (बयाना राशि जमा करना) ही अनिवार्य होंगी। इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी को ई-नीलामी होगी।
ईज़ी ऑफर, सारपंजाब के मुक्तसर में दर्दनाक हादसा हुआ है। कार नहर में गिरने से उसमें सवार महिला और उसकी ढाई साल की बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो गई। वहीं कार चालक ने किसी तरह खुद को बचा लिया।
सारBhagalpur Crime News: अभिषेक की हत्या की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। घटना को बेहद क्रूर बताते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।
कांस्टेबल भर्ती में गड़बड़ी का आरोप- फोटो : अमर उजाला
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कलेक्ट विथड्रॉ भिवानी। पिछले तीन माह से जिले के करीब 45 हजार एकड़ खेतों में तबाही मचाने वाला बरसाती पानी अब जलघर के टैंकों में प्रदूषण का जहर घोलने लगा है। सिंचाई विभाग की अथक कोशिशों से जलभराव में डूबे गांवों के आबादी क्षेत्र से पानी की निकासी करा दी गई है लेकिन बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के कुछ गांव अभी भी बरसाती जलभराव की मार झेल रहे हैं। जाटूलुहारी, दांग खुर्द और रिवासा सहित प्रेमनगर व तिगड़ाना के खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए नासूर बना हुआ है। कई महीनों तक ड्रेनों के जरिए पानी की निकासी कराई गई लेकिन अब बड़ी नहरों और डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों में भी खेतों का सड़ चुका दूषित पानी छोड़ा जा रहा है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के जलघर टैंकों में प्रदूषण का जहर पहुंच रहा है। जिन गांवों के जलघर जलभराव के दौरान डूब गए थे उनके टैंक अब भी बदहाल पड़े हैं और सफाई के लिए अधिकारी बजट का इंतजार कर रहे हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतराPublished by:Digvijay SinghUpdated Wed, 24 Dec 2025 06:34 PM IST
विथड्रॉ डाउनलोड, चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 07:04 PM IST







