सर्वे
इनाम डिपॉजिट
साइन अप, Inc
सुपर साइन अप
💢फ्री डाउनलोड💢
️अल्ट्रा लॉग इन,सारवैशाली के नए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया कि जिले में अपराध पर लगाम लगाना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी।
विस्तारFollow Usजिले में राजस्थान रोडवेज के दो प्रशासनिक अधिकारियों का कार्यालय में डांस और तमाशा करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर एपीओ कर दिया है।
मेगा बोनस, सारबिलासपुर हाईकोर्ट ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस में आरोपी दिनेश चंद्राकर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। मुकेश चंद्राकर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर के पत्रकार थे।
विस्तारFollow Usजशपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक भतीजी ने अपने बड़े पिता आरटीओ अधिकारी विजय निकुंज के घर से 51 लाख रुपये से अधिक की चोरी की साजिश रची। इस मामले में जशपुर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह सनसनीखेज वारदात आईफोन खरीदने के लालच से शुरू हुई और बड़े चोरीकांड में तब्दील हो गई। आरोपियों ने नगद रकम और सोने के जेवर चुराकर लग्जरी कार खरीदी, महंगी पार्टियां कीं और मौज-मस्ती की।
विस्तारFollow Usदरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन में जगह की कमी एक बार फिर बड़ी परेशानी का कारण बनी। हैदराबाद से दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-537 को करीब डेढ़ घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। इसके बाद ईंधन की स्थिति को देखते हुए विमान की रांची एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
स्टूडेंट पैसे,
अतिरिक्त स्टूडेंट Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
12 साल से फाइलों में कैद बीजापुर बायपास- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।







