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चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:10 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुरPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Sun, 23 Nov 2025 08:59 AM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, खुर्जा (बुलंदशहर)Published by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:45 PM IST
विस्तारFollow Usराजस्थान के उत्तर-पश्चिमी जिलों में घने कोहरे का असर देखने को मिला, जिससे बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, नागौर सहित कई इलाकों में दिन का तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। उत्तरी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, आज भी राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में हल्के से मध्यम और कहीं-कहीं घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। साथ ही आने वाले दिनों में उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे सर्दी का असर बढ़ेगा। पिछले 24 घंटों के दौरान जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुंझुनूं के क्षेत्रों में घना कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, कोहरे और कमजोर हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे सुबह और शाम की ठंड अपेक्षाकृत कम महसूस हो रही है।
पुराना ऑनलाइन, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:28 PM IST
गोल्ड लाइक ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा एवं उनकी टीम के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को भिंड जिले की लहार तहसील में अधिवक्ता संघ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। अधिवक्ता बड़ी संख्या में जमा होकर लहार एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने विरोध दर्ज कराते हुए एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस दौरान ग्वालियर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
प्रेम प्रसंग में निकाह से पहले जिस युगल ने ताउम्र साथ निभाने की कसमें खाईं, वह दो सप्ताह में ही जुदा होने को मजबूर हो गए। दोनों ने घरवालों की रजामंदी से पहले तो निकाह किया, फिर आपसी मनमुटाव के बाद अलग रहने का रास्ता चुन लिया। इसे लेकर ग्रामीणों की पंचायत भी हुई। पंचायत में भी दोनों एक साथ रहने को तैयार नहीं हुए।
कलेक्ट इंस्टेंट, चंपावत। नगर के बालेश्वर मंदिर समूह में खंडित मूर्तियों संग्रहालय में रखने की तैयारी की जा रही है। संग्रहालय निर्माण के लिए भारतीय पुरातत्व विभाग ने प्रशासन से जमीन देने की अपील की है। बालेश्वर मंदिर को राष्ट्रीय विरासत स्मारक के रूप में वर्ष 1952 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने संरक्षित किया था। चंद शासकों ने 13वीं सदी में बालेश्वर मंदिर की स्थापना की थी। मंदिर में मौजूद शिलालेख के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1272 में बना था।







