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💢दैनिक विज़िट💢1954 से 2024 तक- 27 बार देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से किसी-न-किसी को नवाजा। ज्यादातर बार सूची में एक नाम रहे। कुछ बार दो या अधिक नाम। 'भारत रत्न' सम्मान इस साल दिए जाएंगे, इसकी गारंटी नहीं। लेकिन, इसपर चर्चा खूब चल निकली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने मित्र और लंबे समय तक उनकी पार्टी के राष्ट्रीय चेहरा रहे केसी त्यागी ने उनके लिए 'भारत रत्न' की मांग दिल्ली में की, हंगामा बिहार में मचा। हंगामे को बढ़ाया तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए भी इसी सम्मान की मांग कर। तो, क्या आगे जब भी 'भारत रत्न' का एलान होगा तो किसी बिहारी का नाम होगा? सवाल इसलिए भी, क्योंकि 2024 में 'भारत रत्न' के एलान ने बिहार की राजनीति सीधे पलट दी थी।
️लॉग इन कलेक्ट,विस्तारFollow Usमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झूठे वादों और खोखली बातों की राजनीति करने वालों को सत्ता से बाहर करना अब पंजाब के लोगों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता सुख का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम होनी चाहिए, लेकिन पंजाब में मौजूदा सरकार ने इसे मजाक बना दिया है।
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 08:22 PM IST
सुपर रजिस्टर,
विस्तारFollow Us1954 से 2024 तक- 27 बार देश के तत्कालीन राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से किसी-न-किसी को नवाजा। ज्यादातर बार सूची में एक नाम रहे। कुछ बार दो या अधिक नाम। 'भारत रत्न' सम्मान इस साल दिए जाएंगे, इसकी गारंटी नहीं। लेकिन, इसपर चर्चा खूब चल निकली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुराने मित्र और लंबे समय तक उनकी पार्टी के राष्ट्रीय चेहरा रहे केसी त्यागी ने उनके लिए 'भारत रत्न' की मांग दिल्ली में की, हंगामा बिहार में मचा। हंगामे को बढ़ाया तेज प्रताप यादव ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए भी इसी सम्मान की मांग कर। तो, क्या आगे जब भी 'भारत रत्न' का एलान होगा तो किसी बिहारी का नाम होगा? सवाल इसलिए भी, क्योंकि 2024 में 'भारत रत्न' के एलान ने बिहार की राजनीति सीधे पलट दी थी।
इंस्टेंट डिपॉजिट, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Tue, 02 Sep 2025 06:07 PM IST
वीडियो लाइक जिले के अर्जुनसर गांव निवासी 22 वर्षीय अजय गोदारा की रूस-यूक्रेन युद्ध में मौत हो गई। धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर युद्ध के मोर्चे पर भेजे गए अजय का शव बुधवार को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से परिजन उसे गांव लेकर आए और अंतिम संस्कार किया गया। परिवार का आरोप है कि शव पूरी तरह सड़ चुका था और इतनी खराब हालत में था कि परिजनों को ठीक से दिखाने तक नहीं दिया गया। मौत कब और कैसे हुई, इसकी भी कोई स्पष्ट जानकारी परिवार को नहीं दी गई।
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