बोनस
ऐप
सब्सक्राइब, Inc
फ्री सब्सक्राइब
💢गेट सब्सक्राइब💢
️रिवॉर्ड्स कूपन,अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:आकाश दुबेUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:18 PM IST
सारCalicut University: केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा कालीकट विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए आवेदन आमंत्रित करने के फैसले पर राज्य सरकार ने नाराजगी जताई है। उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदु ने इसे "अलोकतांत्रिक" बताया और कहा कि यह राज्य के अधिकार क्षेत्र में दखल है।
इनवाइट क्लिक, बांदा के पैलानी थाना इलाके के पचकौरी गांव में एक पिता ने अपने ही डेढ़ वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के इरादे से मासूम के शव को यमुना नदी की बीच धारा में फेंक दिया। इस वारदात के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
अंबाला। प्राचीन बब्याल गद्दी, श्री गोगा मंदिर दलीप गढ़ में मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में गुरु गोरखनाथ जी को समर्पित खिचड़ी वितरण की 52 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। योगी दिनेश नाथ ने बताया कि इस बार सूर्य का मकर राशि में प्रवेश और एकादशी तिथि के संयोग के कारण यह पर्व 15 जनवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। इस परंपरा का इतिहास दिलचस्प है। मंदिर के योगी दिनेश नाथ ने बताया कि वर्ष 1973 में स्वर्गीय योगी शमशेरनाथ ने एक छोटी सी कड़ाही में खिचड़ी बनाकर बांटने की शुरुआत की थी, देखते ही देखते यह परंपरा विशाल रूप ले चुकी है। अब हर साल मकर संक्रांति पर लगभग ढाई क्विंटल देसी घी की खिचड़ी तैयार कर सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं में वितरित की जाती है।
विस्तारFollow Usसऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उसका शव अब तक भारत नहीं पहुंच पाया है। शव न आने से परिवार गहरे सदमे में है और मां बेटे की अंतिम झलक के इंतजार में हर दिन टूटती जा रही है।
कमाई,
वीआईपी शेयर मतदान करने के लिए कतार में खड़े अधिवक्ता। संवाद- फोटो : संवाद
डाउनलोड रिवॉर्ड्स, एक ही परिवार में दो मौतों से बेहाल परिजन व ग्रामीण।- फोटो : amar ujala







