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💢लाइक💢सारजिला देहाती प्रधान राजविंदर सिंह राजा लदेह ने कहा कि आप नेता ने सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत की है, अब यह मामला सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक संगठनों और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के विरोध का रूप ले चुका है।
️मासिक गेट,संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 07:57 PM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वीआईपी बोनस, विस्तारFollow Usबड़वानी जिले की सेंधवा पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु की बहुचर्चित लूटकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को बालसमुद आरटीओ चेक पोस्ट से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 9.424 किलो सोना, 3.5 लाख रुपये नकद, एक पिस्टल और दो कारतूस जब्त किए, जिनकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई है।
Crime News: सब्जी बेचकर घर लौट रही एक महिला की ऑटो चालक ने गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने रास्ते में महिला के साथ गलत करने की कोशिश की, और विरोध करने पर उसकी जान ले ली।
सारBaran News: छबड़ा रेलवे स्टेशन पर चलती मेमू ट्रेन में चढ़ते समय 65 वर्षीय महिला फिसलकर ट्रैक पर गिर गई। RPF जवान की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। महिला को सिर में चोट आई, प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें आगे भेज दिया गया।
जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।
प्रीमियम कमाई, बहराइच के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में क्रिकेट मैच में बैटिंग करता खिलाड़ी। स्रोत : आयो
सुपर बोनस सारबालाघाट में एम्बुलेंस ड्राइवर की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। मलेरिया मरीज को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराने के बजाए ड्राइवर ने बीच जंगल में एम्बुलेंस को रोक दिया। फिर रिश्वत मांगी। नहीं मिलने पर जंगल में वाहन खड़ा करके तेंदुआ देखने के लिए ड्राइवर और तकनीशियन निकल गए। मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
तीन दशकों तक जंगलों में दहशत फैलाने वाले माओवादी संगठन का बालाघाट जिले से पूर्ण सफाया हो गया है। गुरुवार को जिले में सक्रिय बचे हुए दो हार्डकोर माओवादी दीपक उर्फ सुधाकर उर्फ मंगल उइके और उसके साथी रोहित (एसीएम, दर्रेकसा एरिया कमेटी) ने कोरका स्थित सीआरपीएफ कैंप में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद जिले में कोई हार्डकोर नक्सली नहीं रह गया है।
कूपन, अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराजPublished by:Digvijay SinghUpdated Tue, 13 Jan 2026 05:20 AM IST







