स्टूडेंट
प्रीमियम कूपन
दैनिक रजिस्टर, Inc
वीआईपी विथड्रॉ
💢डायमंड गेट💢मुरादाबाद ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:29 AM IST
️बड़ा पैसे,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:लव गौरUpdated Sun, 26 Oct 2025 01:06 AM IST
पुराना ऐप, बलरामपुर के पीएचसी गुगौली में मरीज देखते चिकित्सक।-संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वरUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:32 AM IST
😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सरगुजा जिला के अंबिकापुर में ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम ने बुधवार की सुबह अंबिकापुर नगर के 4 चार आर आई के घरों पर छापेमार कारवाई की है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में आर आई भर्ती में पेपर लीक हुआ था,जिसमें एफ आई आई दर्ज किया गया था। इसी मामले में जांच करने ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम संपत्ति के साथ संदिग्ध लेन-देन एवं पेपर लीक से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
कमाई, जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के जिला जेल रोड इलाके में आपसी झगड़े की समझाइश करने पहुंची बेटी और उसके तीन वर्षीय बेटे पर उसके ही पिता ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
ऐप सर्दी में किसानों को दोहरी मार पड़ रही है। शीतलहर के कारण लोग शाम होते-होते अपने घरों में दुबक जाते हैंं। दूसरी तरफ लावारिस पशुओं से किसानों की सर्द रातें खेती की पहरेदारी में कट रही हैं।
बलरामपुर। एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर छह में 12 जनवरी को नगर पंचायत तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड की सुनवाई होगी। अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार तृतीय बहुचर्चित मामले की सुनवाई कर रहे हैं। इस हत्याकांड में सपा के पूर्व सांसद रिजवान जहीर, बेटी जेबा व दामाद रमीज नेमत सहित पांच लोगों का फैसला होना है।
कैश, विस्तारFollow Usजिन मरीजों के दिल में माइट्रल वॉल्व लीकेज होता है, उनके लिए ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) प्रोसीजर एक बेहतर विकल्प हो सकता है। TEER कम से कम चीरा लगाकर (इनवेसिव) उपचार का तरीका है। यह उन मरीजों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है, जो माइट्रल वॉल्व लीकेज (Mitral Valve Leakage) के गंभीर मामलों में सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले माने जाते हैं। यह मौजूदा समय में माइट्रल वॉल्व लीकेज के लिए इलाज की सबसे उन्नत तकनीक मानी जाती है।







