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💢बोनस💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Fri, 24 Oct 2025 09:37 AM IST
️मासिक अर्न,चंबा। लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। दुकानों में मूंगफली, गजक, रेवड़ी, चिड़वे और पॉपकॉर्न की मांग काफी बढ़ गई है। नए साल के पहले बड़े पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्व नजदीक आते ही लोग खरीदारी के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं।
सारजिला अस्पताल परिसर में बने शौचालय के चैम्बर में भ्रूण के मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में पुलिस ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में इस तरह के अमानवीय कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं।
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विस्तारFollow Usबीजापुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मार्गदर्शन और निर्देश पर पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय बीजापुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम ‘मनरेगा’ को पुनः लागू करने की मांग को लेकर एक दिवसीय उपवास कर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा क़ानून के तहत देश भर के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी।
ईज़ी, सारभिंड में एक साइबर ठग ने टीआई को ही ठगने की कोशिश की, मगर उसकी चालाकी उलटी पड़ गई। खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले ठग की लोकेशन टीआई ने ट्रेस कर ली, जो झारखंड के जामताड़ा की निकली। हालांकि जब तक पुलिस ठग को पकड़ने पहुंची वो वहां से फरार हो चुका था।
साइन अप सारBharatpur News: भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में झाड़ियों में नवजात शिशु मिलने से सनसनी फैल गई। बच्चे के मुंह पर कपड़ा बंधा था और शरीर पर खरोंच के निशान थे। ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां बच्चा आईसीयू में भर्ती है। पुलिस जांच में जुटी है।
राजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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