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चंबा। मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एक दिन का क्रमिक अनशन किया। इसमें कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरजीत भरमौर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कम्पलीट बोनस, सारबैतूल जिले के सूरगांव में 350 रुपए की उधारी को लेकर विवाद में देवराव आलोने की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी कचरू को गिरफ्तार कर उसके पास से हथियार व खून से सने कपड़े बरामद किए। आरोपी ने जुर्म कबूल किया और उसे जेल भेज दिया गया।
सारहरियाणा में ठंड ने पिछले वर्षों के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बार सर्दी ने 48 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। क्योंकि गुरुग्राम का न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।
विस्तारFollow Usजिले के आठनेर कस्बे में गुरुवार को रास्ता देने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक पक्ष के लोगों ने परिवार सहित तीन लोगों के साथ मारपीट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया लेकिन पुलिस और प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया।
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अल्ट्रा रिवॉर्ड्स सौंपा गया 1.10 करोड़ रुपये का चेक- फोटो : अमर उजाला
आज शुक्रवार को बेमेतरा जिले के कठिया गांव में छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल समेत जिले के जनप्रतिनिधि मौजदू थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बांस के महत्व, इसके आर्थिक लाभ तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांस को घास की श्रेणी में शामिल करने के ऐतिहासिक फैसले ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
सब्सक्राइब सब्सक्राइब, बलरामपुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों के एवज में अवैध धन मांगने का एक गंभीर मामला सामने आया है। टांगरमहरी निवासी दीपक यादव ने तहसील कार्यालय के समक्ष तख्ती लेकर धरना प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ एक बाबू और चौकीदार ने उन्हें अधिकार अभिलेख जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए ₹500 की रिश्वत मांगी, जबकि इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क मात्र ₹10 था। दीपक यादव के पास ₹200 ही उपलब्ध थे और वह शेष ₹300 के लिए राजस्व अधिकारियों से “भीख” मांगने की बात कहते हुए धरने पर बैठे थे।







