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💢सब्सक्राइब💢विस्तारFollow Usबाड़मेर में राजकीय कन्या महाविद्यालय के बाहर शनिवार को फीस बढ़ोतरी के विरोध में छात्रों का धरना प्रदर्शन चल रहा था। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद यह प्रदर्शन शांत हो गया। इसी दौरान कॉलेज परिसर के पास एबीवीपी से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को पुलिस  गाड़ी में बैठाकर कोतवाली थाने ले आई, जिससे मामला अचानक तूल पकड़ गया।

️लाइक,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खैरथलPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 03 Jan 2026 08:52 PM IST

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कस्बे के सिद्ध नगर में शनिवार रात को एक महिला ने बहू से विवाद होने पर विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। मेडिकल कॉलेज में महिला को मृत घोषित कर दिया।

वाराणसी ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:06 PM IST

सारइलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उज्ज्वल  रमण सिंह ने एसआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि 24 प्रतिशत मतदाताओं का नाम प्रयागराज में  कट  जाना चिंता की बात है।

लॉग इन सब्सक्राइब, दरियाबाद। स्थानीय ब्लॉक के रसूलपुर कला गांव की रिशा तुफैल दहेज के विरुद्ध मुहिम के साथ ही महिलाओं को हुनरमंद भी बना रही हैं। रिशा ने ‘दहेज पर प्रहार सोशल ट्रस्ट’ की सक्रिय सदस्य हैं। इस ट्रस्ट के जरिये रिशा दहेज रहित विवाह करने के लिए समाज के लोगों को जागरूक करती हैं। साथ ही महिलाओं को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित करती हैं। ताकि जब महिला स्वयं कमाने लायक होगी तो दहेज उसके विवाह में आड़े नहीं आएगा।

अल्ट्रा कलेक्ट जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को पंजाब के अमृतसर पहुंचे। अमृतसर में फुलकारी संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में उमर अब्दुल्ला खास तौर पर शिरकत करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने फुलकारी संस्था द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों और कार्यक्रम के आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात, केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।

गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।

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