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💢अर्न पॉइंट्स💢विस्तारFollow Usभिंड में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह विवाद थाने पहुंच गया है। घटना के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत सीनियर अधिकारियों के पास भेज दी है। आगे की कार्रवाई उनके निर्देश पर की जाएगी। सिटी कोतवाली थाने में दी गई शिकायत में कलेक्टर श्रीवास्तव ने विधायक पर फोन छीनने, अपशब्द कहने समेत कई आरोप लगाए हैं। वहीं, विधायक की ओर से दिए गए आवेदन में उंगली दिखाकर धमकाने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया है।
️छोटा गेट,आम आदमी पार्टी पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने दावा किया कि पंजाब पूरी तरह सुरक्षित है और कानून व्यवस्था पूरी तरह काबू में है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून को अपने हाथों में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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पत्रकारवार्ता को संबोधित करते सूबे के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री एके शर्मा।- फोटो : संवाद
विस्तारFollow Usछतरपुर जिले के बड़ामलहरा महाविद्यालय में कक्षाओं के भीतर रील बनाने कक मामला सामने आया है, जहां के मामले को गंभीरता से लेते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य (अंकुर तिवारी) ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित छात्राओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही, समस्त छात्र-छात्राओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की अनुशासनहीन गतिविधि दोहराई न जाए।
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कैश रिसीव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Tue, 13 Jan 2026 08:45 AM IST
सारगणतंत्र दिवस 2026 पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद 87 आजीवन कारावास के बंदियों को समयपूर्व रिहाई की अनुमति दी है। यह फैसला सुधारात्मक न्याय और अच्छे आचरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
स्टूडेंट लॉग इन, विस्तारFollow Usअब सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर जांच एजेंसी सीधे कार्रवाई नहीं कर सकेगी। पहले उच्च अधिकारी से स्वीकृति जरूरी होगी। मगर रंगे हाथ पैसे लेने वाले वाले मामलों में पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। हरियाणा सरकार ने अधिकारियों व कर्मचारियों से संबंधित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसके तहत भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर अब सरकारी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ जांच या पूछताछ से पहले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि यह फैसला उन मामलों में लागू नहीं होगा, जहां अधिकारी व कर्मचारी रंगे हाथ पकड़े जाएंगे।







