कलेक्ट इनाम
सुपर सर्वे
मेगा रिसीव, Inc
प्लेटिनम विज़िट
💢सर्वे ट्रांसफर💢बांका जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे दिनदहाड़े नहीं, बल्कि संध्या समय भी बेखौफ होकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शुक्रवार की संध्या बांका टाउन थाना क्षेत्र के कर्मा पंचायत में अपराधियों ने एक सनसनीखेज घटना को अंजाम देते हुए पंचायत के उपमुखिया सह सीएसपी संचालक राजेश कुमार चौधरी पर जानलेवा हमला कर ढाई लाख रुपये नकद लूट लिए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त है।
️साइन अप ईज़ी,
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
इनवाइट लॉग इन, सारMP:सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें 2018 में ट्रेन में महिला यात्री के सामने अशोभनीय व्यवहार और नशे में दुर्व्यवहार के आरोपों वाले एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी के आचरण को घृणित और चौंकाने वाला बताया और कहा कि ऐसे मामलों में अधिकारी को बर्खास्त किया जाना चाहिए था।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णियाPublished by:पूर्णिया ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 08:17 PM IST
सभा को संबोधित करते हुए किसान नेता राजकुमार हड़ौदी।- फोटो : 1
कमेंट क्लिक,
कूपन इनवाइट मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय कला परंपरा ने एक बार फिर देश में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के साथ ही बैतूल जिले के प्रसिद्ध भरेवा शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में भरेवा शिल्प को जीआई टैग भी प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता और बढ़ गई है। सम्मान समारोह में केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।
विस्तारFollow Usमुक्तसर के लंबी क्षेत्र के गांव आलमवाला में कार नहर में गिर गई। इससे मां और ढाई साल की बच्ची की डूबने से मौत हो गई। कार के नहर में गिरने के बाद ड्राइवर खिड़की खुलने से बह गया और झाड़ियां हाथ में आने से वह बच गया।
प्रीमियम कम्पलीट, सारभोपाल के नगर निगम स्लॉटर हाउस से 26 टन मांस मुंबई भेजा गया, जिसे भैंस का मांस बताया गया था। जांच में गोमांस होने की पुष्टि हुई, जिससे नगर निगम की जांच और प्रमाणपत्र व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।







