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💢प्रीमियम विन💢विस्तारFollow Usसिविल लाइन पुलिस ने सात साल पुराने एक बड़े बैंक घोटाले का खुलासा करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अवैध तरीके से फर्जी खातों में 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
️पुराना कैश,विस्तारFollow Usपहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
खुर्जा जंक्शन पर क्रेन की मदद से पुराने एफ़ओबी का रैंप हटाते रेलवे कर्मचारी। संवाद
लॉग इन, ज्ञानपुर। बीते तीन दिन से चटख धूप खिलने से जिले के लोगों को ठंड से राहत मिली है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि चटख धूप खिलने से 3 दिन में 9 डिग्री अधिकतम तापमान बढ़ा है। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी 2.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है।
विस्तारFollow Usगुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बुधवार को आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद विवादों में घिर गया। हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का विषय "समकालीन हिंदी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ" था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे।
चंबा। परेल के पास रावी नदी के किनारे न तो लोक निर्माण विभाग और न ही पंचायत सड़क का निर्माण करवा रही है तो आखिरकार दो से तीन मशीनें लगाकर सड़क निर्माण करना अब पहेली बन गया है। हैरानी की बात तो यह है कि इसके लिए न तो वन विभाग की अनुमति ली गई है और न ही प्रशासन को इसके बारे में पता है। हालांकि अब अमर उजाला में खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन ने इस मामले की जांच करवाएगा।
नया मोबाइल, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:01 AM IST
वेरिफाई सब्सक्राइब संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Thu, 08 Jan 2026 10:57 PM IST
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