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💢कूपन💢घटना स्थल की तस्वीर, टक्कर के बाद क्षतिग्रस्त खड़े हुए दोनों वाहन।- फोटो : अमर उजाला
️पुराना वॉच,भरतपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय संख्या-2 ने आरोपी मूलचंद मीणा को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी का पुत्र साहब सिंह पहले ही इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। न्यायाधीश सचिन गुप्ता की अदालत ने नौ साल पुराने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया।
PrayagrajUSMaharashtraविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीDonald Trumpसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालRCB vs UPIranकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पति
पुराना लॉग इन, विस्तारFollow Us1. भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं घोषित करेगी। 2. बिहार चुनाव में जीत के बाद भी भाजपा नीतीश कुमार को सीएम नहीं बनाएगी। 3. नीतीश कुमार बीमार हैं, बिहार के मतदाता उन्हें सीएम नहीं बनाएंगे।- यह तीन बातें पिछले साल, यानी 2025 में विपक्ष ने खूब प्रचारित की थी। यह सब बेकार चला गया तो 2026 की मियाद के साथ यह प्रचारित किया जा रहा है कि वह रिटायर हो जाएंगे। लेकिन, नीतीश कुमार तो अलग मूड में हैं। जवाब तो उन्होंने चुनाव के दौरान भी दिया, जीत के बाद भी। अब नए साल की शुरुआत के साथ और बड़े स्तर पर जवाब देने जमीन पर उतर रहे हैं।
बूंदी जिले के सदर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम जयपुर–कोटा हाईवे स्थित सिलोर पुलिया के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बजरी से भरे ट्रॉले का आगे का टायर अचानक फट गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर चलती कार पर पलट गया। ट्रॉला और बजरी के नीचे दबने से कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
विज़िट, आमजन की समस्याओं और शिकायतों को सीधे सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को तालेड़ा थाने में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उप-महानिरीक्षक पुलिस, कोटा रेंज, कोटा राजेन्द्र प्रसाद गोयल तथा जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी राजेन्द्र कुमार मीणा मौजूद रहे।
बड़ा डिपॉजिट
विशेष रजिस्टर, विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।







