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💢सर्वे शेयर💢भिंड जिले में साइबर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षक प्रेम सिंह कुशवाह को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाया। फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल पर धमकाया और अलग-अलग खातों में 29.50 लाख रुपये ट्रांसफर कराए। बाद में ठगी का खुलासा होने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
️रजिस्टर वेरिफाई,जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल पर कथित हेट स्पीच का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी समेत अन्य मांगें करते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि चल रही आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश दिया जा सकता है। इसके अलावा जांच के तरीके या वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी जैसे निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो मैनेजमेंट जैसा होगा, जो कोर्ट के दायरे में नहीं आता।
ईज़ी, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:अंकेश ठाकुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:24 PM IST
विस्तारFollow Usजाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
भिवानी। शनिवार को जिले में घने कोहरे के कारण जनजीवन और यातायात प्रभावित रहे। गोरखधाम सुपरफास्ट ट्रेन पांच घंटे की देरी से और दिल्ली-भिवानी पैसेंजर ट्रेन एक घंटे की देरी से भिवानी पहुंची। सुबह तक दृश्यता मात्र 10 मीटर रहने के कारण वाहन रेंगकर चले, बसों ने मिनटों का सफर घंटों में तय किया और ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों ने घरों से निकलना कम कर दिया। इसके कारण ज्यादातर रूटों पर सवारियों की संख्या भी कम रही।
मोबाइल इनवाइट, वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटनPublished by:हिमांशु चंदेलUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:37 AM IST
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सिल्वर इंस्टेंट, सारबिलासपुर स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में तब हंगामा मच गया जब कुलपति ने एक साहित्यकार को मंच से जाने के लिए कह दिया। कुलपति के इस व्यवहार से नाराज होकर हिंदी के कई साहित्यकारों ने विरोध जताया और कार्यक्रम को बीच में ही छोड़ दिया।







