पुराना कम्पलीट
ऑफर ईज़ी
गोल्ड बोनस, Inc
कूपन
💢विथड्रॉ अर्न💢भरतपुर जिले के सबसे बड़े जनाना अस्पताल में शुक्रवार रात लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया, जहां प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए।
️ट्रांसफर टास्क,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:22 PM IST
सारवैशाली के नए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया कि जिले में अपराध पर लगाम लगाना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी।
सुपर इंस्टेंट, पीएम श्री छात्र स्कूल बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्र। स्रोत: विभाग।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:34 PM IST
सारभोपाल के हबीबगंज में चार साल के रिश्ते के टूटने से परेशान युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और परिजनों व संबंधित युवती से पूछताछ कर रही है।
गाजियाबाद ब्यूरोUpdated Fri, 09 Jan 2026 10:50 PM IST
कैश, सारवैशाली के नए पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंहाग ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया कि जिले में अपराध पर लगाम लगाना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी।
डाउनलोड इनवाइट तेज रफ्तार, मोडिफाइड साइलेंसर वाली दो बाइकें जब्त, तीन फरार
विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पारिवारिक विवाद से तंग आकर एक दंपती ने अपने डेढ़ साल के बेटे को सड़क किनारे छोड़ा और बुका खेड़ी डैम में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
डाउनलोड, भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।







