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💢पॉइंट्स कूपन💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपतPublished by:डिंपल सिरोहीUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:37 PM IST
️गेम इनाम,औरैया। मार्च में क्षय रोग दिवस पर जिले को टीबी मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी है। इसे देखते हुए जिले में बलगम की जांच में तेजी लाई गई है। एक माह में तीन हजार लोगों की जांच कराई गई है।
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:52 PM IST
सर्वे विज़िट,
विस्तारFollow Usअंधविश्वास की गिरफ्त में आकर धनवर्षा की उम्मीद में कछुओं से तांत्रिक क्रिया करने निकले 9 लोगों को लांजी वन विभाग ने दबोच लिया। टीम ने स्कॉर्पियो से दो जीवित कछुए बरामद किए, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्रजाति है।
राजस्थान के औद्योगिक हब भिवाड़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने नशीली दवाओं के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी और भिवाड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने कहरानी औद्योगिक क्षेत्र में गुप्त अभियान चलाकर 'एपीएल फार्मकिम' नामक फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान करीब 22 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल बरामद किया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 32.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 01:01 AM IST
शेयर फ्रेंड्स,
बोनस शेयर अंबाला के दलीपगढ़ के रहने वाले रेलवे टेक्नीशियन दीपक कुमार की हत्या रेलवे कर्मी दोस्त रवि कांबोज निवासी समालखा पानीपत ने रुपये के लेनदेन में की। दीपक ने छोटे भाई संदीप की नौकरी के लिए रवि को तीन साल पहले 30 लाख रुपये दिए थे। रुपये मांगने पर चाकू से गला रेतकर हत्या की और शव किशनपुर बराल में नहर में फेंक दिया।
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
छोटा लॉग इन, 1 नवंबर 1983, यह वह ऐतिहासिक दिन था जब राजस्थान के दक्षिणी सिरे पर बसे जनजाति बहुल बांसवाड़ा जिले की तकदीर बदलनी शुरू हुई। इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कागदी पिकअप वियर पर बटन दबाकर माही बांध की नहरों में जलप्रवाह शुरू किया, जिसने इस क्षेत्र के जीवन, भूमि और विकास की दिशा ही बदल दी। उस पल के साथ ही बांसवाड़ा का नाम ‘कालापानी’ से निकलकर ‘हराभरा जनपद’ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।







