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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बारांPublished by:तरुणेंद्र चतुर्वेदीUpdated Fri, 14 Nov 2025 01:35 PM IST
रिवॉर्ड्स, बिछिया। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांव बर्दिया में थारू जनजाति जागरूकता समिति की ओर से शनिवार को माघी महोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। बर्दिया खेल मैदान में तहसीलदार पयागपुर अंबिका चौधरी ने फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि माघी महोत्सव थारू समाज की संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
वाल्टरगंज। क्षेत्र के गौरा गांव के पास सोमवार की दोपहर में राम ललित नाम के युवक की दबंगों पिटाई कर दी। आरोप है कि अनुसूचित जाति के युवक की पिटाई के बाद दबंगों ने उससे थूक भी चटवाई। थानाध्यक्ष शशांक कुमार सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है, जांच कराई जा रही है। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खुटहना गांव के रहने वाले राम ललित ने वाल्टरगंज पुलिस को तहरीर देकर बताया है कि सोमवार की दोपहर में वह गनेशपुर जा रहा था। आरोप है कि रामपुर गनेशपुर और गौरा गांव के युवक ने तीन-चार अज्ञात साथियों के साथ उसे घेर लिया। आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जानमाल की धमकी दी और लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी। राम ललित का आरोप है कि दबंगों ने पिटाई के बाद उससे थूक चटवाई।
सर्वे ऑफर, संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्याUpdated Sun, 11 Jan 2026 08:30 PM IST
सब्सक्राइब पॉइंट्स सारसिवाना उपखंड क्षेत्र के तेलवाड़ा गांव में रविवार को एक खेत में कंकाल जैसी हालत में युवक का शव मिला। शव की पहचान जालोर जिले के बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के ऐलाना गांव निवासी 30 वर्षीय बूटाराम पुत्र खेकाराम भील के रूप में हुई।
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
विन, विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बालाघाट में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। एक मलेरिया पीड़ित युवती की मौत इसलिए हो गई क्योंकि एम्बुलेंस ड्राइवर और तकनीशियन ने घने जंगल में गाड़ी रोक दी। इसके बाद वे तेंदुआ देखने चले गए। इतना ही नहीं, उन्होंने मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों से पैसों की भी मांग की।







