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💢गेम इनवाइट💢अमरोहा। वो सात थे और चाचा (राशिद) अकेले...बाइक से कार छू जाने भर के बदले सातों ऐसे टूटे कि देखते-देखते राशिद बेसुध होकर जमीन पर गिर गए। उन्हें बचाने की कोशिशें कामयाब न होती देख चाची (रुखसार) उनके आगे हाथ जोड़कर मिन्नतें करने लगीं, मासूम बच्चे गिड़गिड़ाते रहे मगर बेरहम हमलावरों को न बच्चों पर तरस आया और न रुखसार की रुलाई उन्हें पिघला सकी। राशिद को गिरा-गिरा कर तब तक लात-घूंसे बरसाए, जब तक वह दम तोड़ने की नौबत तक नहीं पहुंच गए।
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बागेश्वर। मनकोट गांव की देवकी देवी की मौत तेंदुए के हमले में हुई या किसी अन्य कारणों से, इसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग अब तक मौत के कारण पर स्पष्ट नहीं बोल रहे हैं। वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार की बात कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार होने की बात तो मानी लेकिन अब तक ऑनलाइन सबमिट नहीं की है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेरPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Sat, 03 Jan 2026 07:01 PM IST
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराजUpdated Tue, 13 Jan 2026 02:28 AM IST
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क्लिक ऑनलाइन दर्दनाक हादसे में किसान दीपक मेहता की मौत- फोटो : अमर उजाला
अंबारी। अहरौला ब्लाक के ग्राम पंचायत ओरिल में लगभग 1.60 करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी बीते तीन वर्षों से शोपीस बनी हुई है। जल निगम ने शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओरिल ग्राम पंचायत का चयन किया गया था। 20 हजार की आबादी और 28 पुरवों में फैले इस गांव में टंकी निर्माण के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब पीने के पानी की समस्या खत्म होगी, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी खामियों से काम रुक गया। प्रधान राम अवतार यादव का कहना है कि करीब तीन साल से टंकी से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। टंकी पर लगा ट्रांसफॉर्मर जल चुका है और पाइपलाइन में भारी लीकेज है। आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए गांव में कम से कम तीन टंकियों की आवश्यकता है। घटिया पाइप और सामान लगाने के कारण टंकी को अब तक हैंडओवर नहीं लिया गया है। वहीं, पूर्व प्रधान बिनोद यादव, संजय यादव सहित जगदीश बिंद, सियाराम गुप्ता, अरविंद समेत कई ग्रामीणों ने टंकी को तत्काल चालू कराने की मांग की है।
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