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💢ट्रांसफर ऑफर💢बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की ओर से आयोजित होने वाली चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 40 दिन बाद बिहार लौटते ही राजद भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पार्टी ने अब शिक्षक अभ्यर्थियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। राजद ने मांग की है कि चौथे चरण में कम से कम एक लाख पदों पर बहाली निकाली जाए।
️विन वॉच,गुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर के हृदय स्थल जय स्तंभ में बस्तर के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर को पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
बिजनौर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक भारतेंदु ने महिला से गैंगरेप में अभियुक्त जगराम को दोषी पाया है। जिसे 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त कमेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अनुज कुमारUpdated Fri, 09 Jan 2026 12:07 AM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
बुलंदशहर। जिले में खाली चल रहे 91 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 766 सहायिकाओं की फरवरी तक नियुक्ति होगी। इससे पोषाहार वितरण और शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में सुधार आएगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आगामी तैयारी शुरू हो गई है। जिला बाल एवं पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि शासन के आदेश पर जिले में रिक्त चल रहे 91 आंगनबाड़ी और 766 आंगनबाड़ी सहायिका के पद भरे जाएंगे।
क्लिक, सारबदायूं में पिछले पांच दिन से पानी का आपूर्ति बंद होने से 50 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि नगर पालिका ने टैंक की सफाई के नाम पर आपूर्ति बंद कर दी, लेकिन जलापूर्ति की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है।
अर्न विस्तारFollow Usराजधानी भोपाल के नगर निगम संचालित स्लॉटर हाउस से जुड़े एक गंभीर मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पशु चिकित्सक के प्रमाणपत्र के आधार पर करीब 26 टन मांस मुंबई भेजा गया था, जिसकी जांच में बाद में गोमांस होने की पुष्टि हुई है। हैरानी की बात यह है कि दस्तावेजों में इसे भैंस का मांस बताया गया था। जानकारी के अनुसार नगर निगम के पशु चिकित्सक द्वारा जारी प्रमाणपत्र के आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई। दिसंबर 2025 के मध्य में जारी इस प्रमाणपत्र में यह उल्लेख किया गया था कि तय मानकों के अनुसार पशुओं का वध किया गया है और मांस मानव उपभोग के लिए उपयुक्त है। इसी आधार पर मांस को फ्रीज कर कंटेनरों में भरकर मुंबई रवाना किया गया। अब इस मामले में भोपाल नगर निगम की भूमिका ही सवालों के घेरे में हैं।
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