पैसे
लाइक रिवॉर्ड्स
कैश लाइक, Inc
गोल्ड साइन अप
💢मोबाइल गेट💢औरैया। मार्च में क्षय रोग दिवस पर जिले को टीबी मुक्त बनाने की तैयारी की जा रही है। इसमें गांवों को टीबी मुक्त घोषित करने की तैयारी है। इसे देखते हुए जिले में बलगम की जांच में तेजी लाई गई है। एक माह में तीन हजार लोगों की जांच कराई गई है।
️विथड्रॉ,संवाद न्यूज एजेंसी, अंबालाUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़Published by:चमन शर्माUpdated Sun, 11 Jan 2026 12:04 PM IST
विशेष कलेक्ट, संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:37 PM IST
भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए बुक-ए-कॉल विद बीएलओ सुविधा की शुरुआत की है। इससे अब मतदाता अपने क्षेत्र के बीएलओ से सीधे संपर्क कर सकेंगे। अब उन्हें काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि बीएलओ खुद उन्हें फोन करेंगे।
विस्तारFollow Usजिला चिकित्सालय अनूपपुर में एक तरफ चोरियां हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की तस्वरों की गुणवत्ता बहुत खराब है। इसकी वजह से चोरी करने वालों की पहचान नहीं हो पा रही है। कैमरे की फुटेज काफी धुंधली और अस्पष्ट होने के कारण पुलिस साक्ष्य नहीं जुटा पा रही है।
अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में खादिमों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। दरगाह कमेटी की अधिसूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 5 जनवरी 2026 तय की गई है, लेकिन अब तक नाजिम कार्यालय में एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ है। अंतिम तारीख नजदीक होने के बावजूद प्रक्रिया ठप नजर आ रही है।
रिसीव कम्पलीट, सारAnta By-poll 2025: अंता उपचुनाव में 80.32% मतदान दर्ज हुआ, जो पिछले चुनाव के बराबर है। त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया, भाजपा के मोरपाल सुमन और निर्दलीय नरेश मीणा मैदान में हैं। नतीजे 14 नवंबर को घोषित होंगे।
मेगा इनाम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाटPublished by:बालाघाट ब्यूरोUpdated Sun, 02 Nov 2025 12:16 PM IST
कोतमा न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा के निवास पर बदमाशों ने पत्थरबाजी कर जान से मारने की धमकी, गेट लैंप एवं एंगल को तोड़फोड़ सहित न्यायालय की गरिमा के विपरीत टिप्पणी के मामले की सुनवाई करते हुए जमानत को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया है।
प्रीमियम ऑफर, विस्तारFollow Usराजस्थान की माटी का कण-कण शौर्य और गौरवशाली इतिहास की गवाही देता है, लेकिन बानसूर विधानसभा क्षेत्र में यह गौरव आज अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। ग्राम हाजीपुर और बानसूर मुख्य कस्बे की पहाड़ियों पर स्थित ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के चलते खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। जो किले कभी सुरक्षा के अभेद्य कवच और राजपूताना आन-बान-शान के प्रतीक थे, वे आज सरकारी फाइलों में गुम होकर अपना अस्तित्व खो रहे हैं।







