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️वॉच,न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Tue, 06 Jan 2026 07:41 AM IST
विस्तारFollow Usमहिलाओं से अच्छी बचत कोई नहीं कर सकता। वह घर का बजट इतनी समझदारी से बनाती हैं कि सारे खर्चे निकालने के बाद भी हर महीने छोटी-मोटी बचत कर ही लेती हैं। इसी बचत को सही जगह पर निवेश कर वह बढि़या रिटर्न भी पा सकती हैं। अमर उजाला के स्त्री शक्ति समृद्धि जैसे कार्यक्रम महिलाओं को निवेश के लिए जागरूक करने के साथ दिशा भी दे रहे हैं। यह विचार महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अमर उजाला बोनस और केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड की ओर से निवेश के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यशाला में व्यक्त किए।
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विस्तारFollow Usकभी बंदूक थामने को मजबूर हुई सुनीता अब नई ज़िंदगी की शुरुआत कर रही है। मंगलवार को उसने तीन साल बाद अपने माता-पिता को गले लगाया तो आंखों से आंसू छलक पड़े, पर चेहरे पर सुकून की मुस्कान थी। यह भावुक मुलाकात बालाघाट पुलिस ने आयोजित कराई।
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फ्रेंड्स डिस्काउंट वाराणसी ब्यूरोUpdated Thu, 08 Jan 2026 01:38 AM IST
कैश, आजमगढ़। जिले में हुई 21वीं पशुगणना में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य दुधारू पशु गाय, भैंस और बकरी की संख्या में कमी दर्ज की गई है। यह गिरावट बता रही है कि लोगों का पशुपालन से मोह भंग हो रहा है। पशुओं की संख्या कम होने से दूध का उत्पादन भी जिले में कम हुआ है इसके बाद भी जिले में धड़ाधड़ मिठाई और दूध से बने उत्पादों की दुकानें खुल रही हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है इन दुकानों पर दूध की कोई कमी नहीं होती है। आखिर यह दूध कहां से आता है यह बताने वाला कोई नहीं है। पांच साल में 2,04,490 गायें कम हो गईं। जोकि पिछली पशुगणना से लगभग आधी हैं। 1,72,649 भैंसें और 11,944 बकरियां कम हुईं हैं।







