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💢इनाम इनाम💢गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
️पुराना फ्री,विस्तारFollow Usसंगम की रेती पर माघ मेले ने भव्य स्वरूप लेना शुरू कर दिया है। संगम तट पर हर दिन देश ही नहीं विदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है। अध्यात्म और भक्ति से सराबोर माघ मेले में साधु-संत अलग-अलग भेषभूषा और बोली से चर्चा में हैं। इन्हीं में एक हैं सेंट वाले बाबा। वह संगम लोवर मार्ग पर धूनी रमाए रेती पर भक्ति रस बांट रहे हैं।
प्रीमियम वेरिफाई, राइफल और तमंचे के साथ पकड़े गए सगे भाई। संवाद- फोटो : संवाद
विस्तारFollow UsCalicut University VC Appointment Row:केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा कालीकट विश्वविद्यालय के कुलपति (VC) पद के लिए आवेदन आमंत्रित करने के फैसले को लेकर राज्य सरकार ने बुधवार को इसे "अलोकतांत्रिक" और "निंदनीय" बताया है।
सारश्रावण माह के अंतिम सोमवार, 4 अगस्त को बैजनाथ महादेव की शाही सवारी निकाली जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था में बदलाव किया गया है। वाहन प्रतिबंध, वैकल्पिक मार्ग, नो पार्किंग जोन निर्धारित किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में व्यवस्था लागू रहेगी।
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:57 PM IST
फ्री कमाई, संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ाUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:50 PM IST
नया कैश अमानीगंज। कहीं बोरे की कमी तो कहीं खरीदे गए धान का उठान नहीं होने से धान खरीद की रफ्तार सुस्त हो चुकी है। परेशान किसान क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने को मजबूर है। धीमी खरीद का सीधा फायदा आढ़तियों और खुदरा व्यापारियों को पहुंच रहा है। वह किसानों से औने-पौने दामों पर खरीद कर क्रय केंद्रों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:05 PM IST
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