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💢नया लॉग इन💢विस्तारFollow Usमध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय कला परंपरा ने एक बार फिर देश में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। पारंपरिक भरेवा धातु शिल्प कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के साथ ही बैतूल जिले के प्रसिद्ध भरेवा शिल्पकार बलदेव वाघमारे को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया। हाल ही में भरेवा शिल्प को जीआई टैग भी प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता और बढ़ गई है। सम्मान समारोह में केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित थे।
️विन रिसीव,गुरुवार को जिला मुख्यालय बीजापुर के हृदय स्थल जय स्तंभ में बस्तर के दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार मुकेश चंद्राकर को पत्रकारों एवं जनप्रतिनिधियों ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
स्टूडेंट, अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Thu, 06 Nov 2025 02:47 PM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:51 AM IST
बड़ा कलेक्ट, अमर उजाला ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 01:50 AM IST
गोल्ड गेम सारPraveen Togadia: भीलवाड़ा दौरे पर प्रवीण तोगड़िया ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया और बाबरी मस्जिद बयान को पब्लिसिटी स्टंट कहा। साथ ही उन्होंने हनुमान चालीसा को आध्यात्मिक व स्वास्थ्य लाभ का माध्यम बताया।
क्षेत्र के दयालपुर गांव की आशा कार्यकर्ता रीमा पांडेय को साइबर जालसाजों ने ठगी का शिकार बना लिया। पीड़िता ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
सर्वे, विस्तारFollow Usराजस्थान की लोक परंपराएं अपने संवेदनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक स्नेह के लिए जानी जाती हैं। इन्हीं परंपराओं में से एक है ‘मायरा’, जिसमें भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में प्रेम, आदर और समर्पण के भाव से उपहार, वस्त्र और धन लेकर पहुंचते हैं। इस परंपरा की झलक बीकानेर जिले के नोखा क्षेत्र के सीनियाला गांव में देखने को मिली, जहां भाइयों ने मायरे में ऐसा योगदान दिया कि यह पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया।







