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💢साप्ताहिक वेरिफाई💢विस्तारFollow Usजिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के दो अधिकारियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत विद्युत कनेक्शन दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
️डाउनलोड,विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले की पंचायत समिति सुवाणा के ग्राम पंचायत रामपुरिया स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रिंसिपल विवेक कुमार सक्सेना के तबादले के विरोध में बुधवार को छात्रों ने गेट पर धरना देकर स्कूल में ताला जड़ दिया। छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि प्रिंसिपल का तबादला रद्द किया जाए, अन्यथा वे कक्षाओं में प्रवेश नहीं करेंगे।
अमर उजाला नेटवर्क, रामानुजगंज/बलरामपुरPublished by:आकाश दुबेUpdated Thu, 20 Nov 2025 06:51 PM IST
पुराना सब्सक्राइब, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरीUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:03 AM IST
विस्तारFollow Usबीजापुर में विधायक विक्रम मंडावी ने आज जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग का बीजापुर जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची लागू है। 25 जनवरी 1994 से पंचायती राज व्यवस्था के साथ ही प्रदेश में पेसा कानून भी लागू है। इनके तहत ग्राम सभा सर्वोपरि है और गांव में किसी भी विकास कार्य के लिए ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य है। यह संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है।
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क्लिक फ्री विस्तारFollow Usराजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
उत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
वीआईपी कमाई, सारचर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इससे शासन को बड़ा झटका लगा है, वहीं निर्दोष चयनित अभ्यर्थियों के लिए डीएसपी और डिप्टी कलेक्टर के पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।







