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💢साइन अप रिसीव💢अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर की बदहाल सड़क हादसों को दावत दे रही है। हालात ये है कि सड़क पूरी तरह गड्ढों से पट चुकी है। सुरक्षा दीवार भी कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। सड़क पर आवाजाही के दौरान अब तक कई छात्र- छात्राएं दोपहिया वाहनों के रपटने से चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके सड़क को अब तक सुधारा नहीं जा सका है। इससे छात्र- छात्राओं में आक्रोश बढ़ गया है।
️पॉइंट्स ऑफर,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण से नवजात को हायर सेंटर ले जाने के दौरान उसके रास्ते में मौत हो जाने से आक्रोशित लोगों ने अस्पताल पहुंच कर सांकेतिक तालाबंदी की। उन्होंने नारे लगा कर विरोध जताया। सूचना मिलने पर एसडीएम याक्षी अरोड़ा मौके पर पहुंची। उनके हस्तक्षेप के बाद मामला किसी तरह शांत हुआ।
सारअल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की कमी के बीच आठ असिस्टेंट प्रोफेसरों की तैनाती से चिकित्सा सेवाओं और मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को राहत मिली है।
रजिस्टर मोबाइल, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 04 Jan 2026 04:08 PM IST
विस्तारFollow Usभाटापारा शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा कारण अवैध शराब कारोबार बनता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भाटापारा और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगभग 150 से अधिक लोग अवैध शराब के कारोबार में सक्रिय रूप से लिप्त हैं। इन अवैध शराब कोचियों और माफियाओं के कारण क्षेत्र में चोरी, झगड़े, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी तेजी से वृद्धि हो रही है।
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:57 PM IST
लाइक,
कैश ऑनलाइन दिबियापुर/अजीतमल। स्टूडेंट पुलिस एक्सपेरीमेंट लर्निंग कार्यक्रम के तहत शनिवार को अजीतमल और दिबियापुर में विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ संवाद किया।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत में जंगली जानवरों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। क्षेत्र में बंदरों से लोग परेशान हैं। बीते एक माह में बंदरों के हमलों में 25 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
वीआईपी रजिस्टर, विस्तारFollow Usबलौदाबाजार-भाटापारा जिले में बार नवापारा क्षेत्र के ग्राम हरदी में मंगलवार सुबह चार हाथी, जिनमें एक शावक भी शामिल था, करीब 15 फीट गहरे कुएं में गिर गए। बताया जा रहा है कि अंधेरे और फिसलन भरे रास्ते के कारण यह हादसा हुआ। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर धान देखने पहुंचे तो उन्हें कुएं से हाथियों की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।







