लाइक
इनवाइट ऐप
डिपॉजिट सर्वे, Inc
दैनिक गेम
💢कमेंट💢विस्तारFollow Usदिल्ली से शेखपुरा पहुंची एनआईए की टीम ने अवैध हथियार और गोला-बारूद तस्करी नेटवर्क के खिलाफ गुरुवार शाम बड़ी कार्रवाई की। शेखपुरा जिले के सिरारी थाना क्षेत्र के भदौस और जयमंगला गांव में छापेमारी कर टीम ने कई अहम सबूत बरामद किए। बताया जा रहा है कि शेखपुरा, पटना, नालंदा सहित बिहार के सात ठिकानों के साथ ही हरियाणा और यूपी में भी एक साथ कार्रवाई चलायी गई, जिसमें कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है।
️इनाम विन,संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:45 PM IST
सारपैसे के विवाद को लेकर एक नाबालिग बेटे ने अपनी ही मां की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। मामूली कहासुनी के बाद हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है
कम्पलीट कूपन, बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। डीआरजी बीजापुर, थाना गंगालुर और बीडीएस टीम की संयुक्त कार्रवाई में करीब 10 किलोग्राम वजनी आईईडी बरामद किया गया।
सिकंदराबाद। दनकौर रोड पर अतिक्रमण को हटाने के लिए पीडब्ल्यूडी के नोटिस के विरोध में दनकौर तिराहे से लेकर नाले तक के व्यापारियों ने विरोध में अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया।
जलाई गई थार की आग को बुझाते दमकलकर्मी और हादसे में जली बाइक के पास खड़े स्थानीय- फोटो : अमर उजाला
अल्ट्रा कैश, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इस साल चार दिन स्थानीय अवकाश के रूप में घोषित किए गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। इन दिनों शहर के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। भोपाल में घोषित अवकाश में मकर संक्रांति, महानवमी और अनंत चतुर्दशी के साथ-साथ गैस त्रासदी की बरसी शामिल है। इन अवसरों पर सरकारी कामकाज प्रभावित रहेगा। आदेश के अनुसार, 14 जनवरी 2026, बुधवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में छुट्टी रहेगी। 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी और 19 अक्टूबर, सोमवार को महानवमी के दिन भी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। वहीं, 3 दिसंबर, बुधवार को भोपाल शहर में गैस त्रासदी की बरसी पर भी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। इस प्रकार, भोपाल के निवासियों को इस साल कुल चार दिन सरकारी कार्यालयों से संबंधित कामकाज में अवकाश रहेगा।
ईज़ी इंस्टेंट
साप्ताहिक गेट, चुराह (चंबा)। उपमंडल चुराह में किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित कृषि प्रशिक्षण केंद्र का सपना अब तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। वर्ष 2022 में बड़े उत्साह और आशाओं के साथ इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक इसकी इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।







