सिल्वर कूपन
फ्री
मोबाइल इनाम, Inc
अर्न पॉइंट्स
💢कैश💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Sun, 28 Dec 2025 09:09 PM IST
️फ्रेंड्स,गांव दांग के नजदीक निगाना फीडर में ड्रेन का पानी डालने से नहर में जमा सफेद झाग।
चंबा। वन मंडल चंबा में कशमल की जड़ों के दोहन को लेकर स्थानीय लोग व ठेकेदार आमने सामने हो गए हैं। अब तक ठेकेदार लोगों को दस रुपये प्रति किलो की दर से कशमल जड़ों का दाम दे रहे थे जबकि दवा कंपनियों को ऊंचे दामों पर बेच रहे थे। इसकी भनक लगते ही स्थानीय लोग दाम बढ़ाने की मांग पर अड़ गए हैं। अब वे दस रुपये की जबह 18 रुपये प्रति किलो दाम देने की मांग कर रहे हैं। यह दाम चुकाने के लिए ठेकेदार तैयार नहीं हाे रहे हैं। इसके चलते कशमल दोहन क्षेत्र में थम गया है। हालांकि, कुछ इलाकों में लोग इसके दोहन का विरोध भी कर रहे हैं। कुछ मात्रा में उन्होंने उखाड़ी गई कशमल को जलाया भी है। फिलहाल क्षेत्र के लोग अब दाम बढ़ाने की मांग पर अड़े हैं। ऐसे में यह मामला अब लोगों व ठेकेदार के बीच में फंस गया है। विभाग चाहकर भी इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विभाग के कर्मचारी सही तरीके से कशमल दोहन पर निगरानी रख सकते हैं। ये जड़ें स्थानीय लोग किस दाम पर बेच रहे हैं और ठेकेदार आगे किस दाम पर बेच रहा है, इसमें उनका कोई लेना-देना नहीं है।
कमाई स्टूडेंट, सारWeather News: मौसम विभाग ने लोगों से बदलती ठंड को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। सुबह-शाम कोहरा रहने के कारण सावधानी से वाहन चलाएं। गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलें।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बाUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:13 PM IST
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़Published by:निवेदिता वर्माUpdated Mon, 12 Jan 2026 03:40 PM IST
अल्ट्रा विज़िट, बचपन में कटी हुई पतंग तो सभी ने लूटी होगी। इस दौरान कई बार दोस्तों के बीच लूटी हुई पतंग को लेकर आपस में या उसके मालिक के साथ विवाद भी हुए होंगे। लेकिन, बुरहानपुर में पतंग लूटने की बात पर उसके मालिक और लूटने वाले युवक के बीच विवाद मारपीट तक पहुंच गया।
दैनिक डिपॉजिट मोढ़ चैंपियनशिप क्रिकेट टूर्नामेंट में टॉस कराते अतिथि। स्रोत आयोजक
जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।
स्टूडेंट लॉग इन, सारबेमेतरा में एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर के बेमेतरा स्थित आवास पर दबिश दी है। प्रेमलता पद्माकर वर्ष 2014 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा की अफसर हैं।







