ऑफर कमाई
विशेष सब्सक्राइब
अतिरिक्त कूपन, Inc
साइन अप
💢सिल्वर फ्री💢
️कमाई सब्सक्राइब,
बालोतरा के औद्योगिक तृतीय चरण में स्थित एक प्रिंटिंग प्रोसेस फैक्ट्री में सोमवार देर शाम भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें कपड़े के भारी मात्रा में थान, मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गई। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री धुएं से भर गई और आग की लपटें दूर से ही दिखाई देने लगीं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान होने की आशंका है।
कम्पलीट क्लिक, सारइस दौरान प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए आदिवासियों और किसानों की विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग की।
बांसवाड़ा में न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास जैन की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने राजस्थान ग्रामीण बैंक, शाखा गनौडा बनाम विक्रम दर्जी पुत्र प्रभुलाल प्रकरण में आरोपी विक्रम दर्जी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अदालत ने उसे 4 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड के साथ 1 वर्ष के साधारण कारावास की सजा दी।
खड़े वाहनों से हो रही पेट्रोल-डीजल की चोरी (सांकेतिक तस्वीर)- फोटो : AI Image- Freepik
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
रिवॉर्ड्स वीडियो,
विशेष अर्न विस्तारFollow Usक्षेत्र में लगातार हो रही बेमौसम बारिश की अतिवृष्टि से हुई किसानों की फसल चौपट एवं क्षेत्र में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर कांग्रेस के पूर्व विधायक सुनील सराफ के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार दशरथ सिंह को सौंपा गया।
विस्तारFollow Usजिला पंचायत आगरा कार्यालय में सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर मुख्य अधिकारी उमेश चन्द्र सहित जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
इनवाइट पैसे, विस्तारFollow Usकहते हैं कि इंसान चला जाता है, लेकिन उसके कर्म अमर हो जाते हैं। राजस्थान के बालोतरा जिले से आई यह खबर इसी कथन को साकार करती है। महज पांच साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले भोमाराम ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में ऐसा काम कर दिया, जिसने तीन जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी दे दी। भोमाराम के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच ऐसा साहसिक और मानवीय फैसला लिया, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गया है।







