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💢गोल्ड कमेंट💢विस्तारFollow Usराजस्थान के बूंदी जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। देई खेड़ा थाना क्षेत्र के पापड़ी लबान के पास कपास से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे पैदल चल रहे श्रद्धालुओं के ऊपर पलट गया। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रद्धालु ने कोटा के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
️कम्पलीट फ्री,विस्तारFollow Usबूंदी जिले में केशोरापाटन रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने की घटना में कोटा में NEET की तैयारी कर रहा छात्र दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक छात्र बिहार के पटना का रहने वाला था और पिछले एक वर्ष से अपनी बहन के साथ कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
वीआईपी पॉइंट्स,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Mon, 12 Jan 2026 09:29 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड/पन्नाPublished by:हिमांशु प्रियदर्शीUpdated Tue, 30 Sep 2025 03:24 PM IST
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वीडियो, राज्य सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) सूची की पात्रता शर्तों में अहम संशोधन करते हुए जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। नए बदलावों के बाद वे परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे, जिन्हें पहले पक्का मकान होने या आयु सीमा के कारण अपात्र घोषित कर दिया गया था। सचिव ग्रामीण विकास सी पालरासु ने सभी उपायुक्तों और बीडीओ को इस संबंध में पत्र जारी किया है।
प्लेटिनम इनवाइट विस्तारFollow Usनीतीश सरकार बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉरलेंस की नीति अपनाने का दावा करती है। भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई भी होती है। अब घूससोर अफसरों और कर्मियों पर नकेल कसने के लिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने खुद को स्मार्ट बनाने का फैसला लिया है। निगरानी की टीम अब अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल पर भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगी। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल टेक्नोलॉजी सेंटर बनाया जाएगा। निगरानी की टीम ने इस सेंटर के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है।
सारपरिवारों ने बताया कि उनके बच्चों निहाल धुर्वे (2 वर्ष) और कबीर यादव (3 वर्ष 11 माह) का इलाज परासिया के एक निजी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी से कराया गया था। सिरप के सेवन के बाद बच्चों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
ऑफर रिसीव, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अमर उजाला ब्यूरोUpdated Wed, 15 Oct 2025 07:48 PM IST







