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💢कम्पलीट कलेक्ट💢बदायूं। सैदपुर के मोहल्ला महेश चौक के रहने वाले 92 साल के विद्यासागर रस्तोगी का सीना उनके दो बेटों की बेरुखी से पहले से ही छलनी था। उस सीने पर उन्होंने गोली मारकर जख्म को और गहरा करते हुए मोह-माया के बंधन से मुक्ति पा ली। रविवार को उनके शव के पोस्टमॉर्टम से पहले जिला अस्पताल में कराए गए एक्स-रे में 16 छर्रे मिले। इन छर्रों को बड़ी मुश्किल से निकाला जा सका। इसके बाद देर शाम कस्बे में उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया।
️विन ऑफर,भिवानी। शहर का दायरा और आबादी बढ़ने के साथ ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सीवरेज ट्रिटमेंट प्लांटों पर दूषित पानी की निकासी का दबाव बढ़ गया है। इतना ही नहीं औद्योगिक सेक्टर 21 और 26 के लिए 18 करोड़ रुपये से बने कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट भी पर्यावरण एनओसी नहीं मिलने के कारण करीब दो साल से खामोश पड़ा है। बिना ट्रिटमेंट के दूषित पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन में छोड़ा जा रहा है जिससे किसान सिंचाई से भी तौबा कर रहे हैं।
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:विजय पुंडीरUpdated Sat, 10 Jan 2026 11:04 AM IST
शेयर रिवॉर्ड्स, सारBihar:सहरसा में निगरानी विभाग ने सेल टैक्स कार्यालय के चतुर्थ वर्गीय कर्मी को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। बैंक सेटलमेंट के बदले घूस मांगी गई थी। आरोपी को भागलपुर निगरानी कोर्ट में पेश किया गया।
विस्तारFollow Usदरभंगा एयरपोर्ट पर एप्रन में जगह की कमी एक बार फिर बड़ी परेशानी का कारण बनी। हैदराबाद से दरभंगा आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-537 को करीब डेढ़ घंटे तक हवा में चक्कर लगाना पड़ा। इसके बाद ईंधन की स्थिति को देखते हुए विमान की रांची एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
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दैनिक डिस्काउंट, भोपाल के पं. खुशीलाल आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने किडनी स्टोन (पथरी) के इलाज को लेकर बड़ा दावा किया है। महाविद्यालय में किए गए 90 दिन के शोध में सामने आया है कि आयुर्वेदिक काढ़े के नियमित सेवन से 73 प्रतिशत मरीजों को बिना ऑपरेशन और बिना लेजर इलाज के राहत मिली है। शोध के दौरान कई मरीजों में पथरी का आकार धीरे-धीरे कम हुआ, जबकि कुछ मामलों में पथरी पूरी तरह शरीर से बाहर निकल गई। यह शोध किडनी स्टोन से पीड़ित उन मरीजों पर किया गया, जो लंबे समय से दर्द, जलन और पेशाब संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शोध के दौरान मरीजों को विशेष आयुर्वेदिक औषधियों से तैयार काढ़ा दिया गया। इसके साथ ही खानपान, जीवनशैली और पानी पीने को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। उपचार शुरू होने के कुछ ही हफ्तों में अधिकांश मरीजों को दर्द से राहत मिलने लगी और पथरी से जुड़ी परेशानियां कम होती चली गईं।
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एमपी में कप सिरप पीने के बाद मरने वालों की संख्या 16 पहुंची- फोटो : अमर उजाला
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