कमेंट फ्री
रिवॉर्ड्स क्लिक
मेगा गेम, Inc
फ्री पॉइंट्स
💢साप्ताहिक रिवॉर्ड्स💢औरैया। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे जिले के पांच डॉक्टरों को शासन ने बर्खास्त कर दिया है। इनमें से कोई डॉक्टर आठ तो कोई दस साल से भी अधिक समय से अनुपस्थित चल रहा था।
️विज़िट पॉइंट्स,😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब मंदिर के पंडितों ने सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया। पंडितों ने अनिश्चितकाल के लिए हवन और अनुष्ठान बंद कर मंदिर परिसर में ही धरना दे दिया है।
लाइक रजिस्टर,
विस्तारFollow Usमहाकुंभ की तरह माघ मेला श्रद्धा के साथ ही व्यापार का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। संगम तट पर लगने वाला यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि इससे स्थानीय और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक संबल मिलता है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतराPublished by:बालोतरा ब्यूरोUpdated Sun, 04 Jan 2026 08:54 AM IST
गेम ऑफर, भारत पहुंचे जर्मनी के चांसलरबर्फीली ठंड से कांपा उत्तर भारतआज का शब्दArcticRashifal 12 JanuaryISRONational Youth DayPoliticsBharat RatnaIND vs NZ Records
ऑनलाइन फ्रेंड्स सिवनी जिले की सीमा से सटे कटंगी वन परिक्षेत्र में शुक्रवार शाम बाघ ने एक चरवाहे पर हमला कर दिया। इस हमले में 60 वर्षीय चरवाहा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले पिपरवानी के अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए उसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
विन ऐप, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ाPublished by:बांसवाड़ा ब्यूरोUpdated Mon, 17 Nov 2025 04:23 PM IST







