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️बड़ा बोनस,विस्तारFollow Usलांजी वनांचल क्षेत्र की कंसुली पंचायत के ग्राम धारमारा में रविवार देर शाम भीषण आग लग गई। आग ने खेत में रखी तीन किसानों की लगभग 17 एकड़ की कटी हुई फसल को पलभर में खाक कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और लोग इसे असामाजिक तत्वों की करतूत मान रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आज से देश के पहले राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका ने किया। उन्होंने जंबूरी के शुभारंभ की आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारिवारिक सद्भाव को बढ़ावा देने का एक बेहतरीन अवसर है। राज्यपाल डेका ने छत्तीसगढ़ की विविधता और पर्यटन की संभावनाओं की सराहना की और इस राष्ट्रीय जंबूरी के आयोजन पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट गाइड की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह जंबूरी युवाओं को एक मंच पर लाने का एक ऐतिहासिक कदम है।
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बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे बच्चों की जानकारी देते चाइल्ड लाइन प्रभारी- फोटो : अमर उजाला
लॉग इन पॉइंट्स, अमरकंटक के जंगलों में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इनाम डिपॉजिट सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।
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