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💢विशेष ईज़ी💢बलरामपुर के महिला थाने में आयोजित बैठक में मौजूद लोग ।-संवाद
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सारAjmer News: ख्वाजा गरीब नवाज के 814वें उर्स पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से अजमेर दरगाह में चादर पेश की गई। इस अवसर पर देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी गई।
रिसीव मोबाइल, सारबालोद जिले को नौ जनवरी से शुरू हो रहे देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की मेजबानी मिली है। ग्राम दुधली में 146 एकड़ क्षेत्र में अस्थायी शहर बसाया गया है, जहां हजारों बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
Tariff Threatईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?BangladeshTOP NewsUttarakhandUSUPReal Madridकपसाड़ कांडआज के दिन
विस्तारFollow Usजिला पंचायत आगरा कार्यालय में सोमवार को आयोजित बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, अपर मुख्य अधिकारी उमेश चन्द्र सहित जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
इनवाइट लॉग इन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुरPublished by:सौरभ भट्टUpdated Thu, 08 Jan 2026 04:13 PM IST
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विस्तारFollow Usसऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शव को भारत लाने के लिए इंतजार कर रहे मृतक के परिवारजनों का इंतजार एक महीने बाद खत्म हुआ है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि संसदीय क्षेत्र के बालोतरा जिले के सोहड़ा (गिड़ा) निवासी युवक स्व.रमेश कुमार मेघवाल 11 अक्तूबर 2025 को अपने दो साथियों हीराराम मेघवाल (सवाऊ मूलराज) एवं रोशन अली (जाजवा, गिड़ा) के साथ रोजगार हेतु अरब के दोहा (क़तर) गया था। दुर्भाग्यवश 17 नवंबर 2025 को उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। मृत्यु के पश्चात वहां की जटिल कानूनी प्रक्रिया, स्थानीय पुलिस कार्रवाई एवं मेडिकल पोस्टमार्टम की लंबी औपचारिकताओं के कारण पार्थिव शरीर को भारत लाने में अत्यधिक विलंब हुआ।
दैनिक अर्न, जलबेड़ा। विभाग की कृषि कल्याणकारी योजनाओं को देखते हुए किसानों का झुकाव मिश्रित खेती की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में जलबेड़ा का किसान सुखमिंद्र सिंह मिश्रित खेती कर रहा है। उन्होंने बताया कि रबी के सीजन में 6 एकड़ सरसों की फसल लगाई है। जिसमें से चार एकड़ में पीली सरसों की सीधी बोआई की और दो एकड़ में मशीन से बैड बनाकर सरसों का अच्छी गुणवत्ता वाला बीज डाला। इसमें बरसीम की बिजाई भी की है। उन्होंने बताया कि विभाग की यह योजना कारगर सिद्ध हो रही है। सरसों पकने के बाद उनके पास बरसीम का बीज तैयार हो जाएगा। जिसका बाजार में रेट 100 से 120 रुपये प्रति किलो है। मिश्रित खेती से एकल फसल की अपेक्षा मुनाफा ज्यादा होता है।जलबेड़ा गांव में खेत में खड़ी सरसों व बरसीम की फसल। संवाद







