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💢गोल्ड रजिस्टर💢संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Sat, 10 Jan 2026 10:54 PM IST
️मेगा लॉग इन,सारछतरपुर जिले में अप्रैल से नवंबर 2025 तक 16,912 डिलीवरी में 402 नवजात बच्चों की मृत्यु हुई। सबसे अधिक मौतें छतरपुर ब्लॉक में हुईं। सीएमएचओ ने बताया कि हाई-रिस्क श्रेणी के बच्चों की पहचान और समय पर उपचार के जरिए नवजात मृत्यु दर को कम करने के प्रयास जारी हैं।
पीडीडीयू नगर। कड़कड़ाती ठंड में सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बुजुर्गेा को हो रही है। रजाई में घुसने के बाद भी हाथ और पैर ठंडे ही रह रहे हैं। जिले में ठंड से राहत पाने के लिए लोग इलेक्ट्रिक जेल बैग का सहारा ले रहे हैं। बाजार में सौ रुपये का मिलने वाला जेल बैग दस से 12 मिनट में खूब हीट हो जा रहा है। इसके बाद बुजुर्ग और महिलाएं इससे अपने और पैरों को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल कर रही है। बैग 40 से 45 मिनट तक खूब गर्म रह रहा है। इसके बाद यह अपने-अपने आप धीरे-धीरे ठंडा हो जाता है।
गेम ऑनलाइन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Sat, 10 Jan 2026 12:07 PM IST
Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
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ऑनलाइन इंस्टेंट, सारएसपी देवेंद्र पाटीदार ने बताया कि ग्राम नवरा में एक महिला की धारदार हथियार से हत्या हुई है। प्रेमी-प्रेमिका दोनों के बीच अक्सर छोटी छोटी बातों को लेकर भी विवाद होता था। शुक्रवार देर रात रईस ने वारदात को अंजाम देते हुए युवती की गला रेतकर हत्या कर दी।
प्लेटिनम कलेक्ट
साररायगढ़ निवासी अंश श्रीवास्तव (17 वर्ष), पिता अमित श्रीवास्तव, लगभग 15 दिन पहले जेईई की परीक्षा देने के लिए जगदलपुर अपने ननिहाल आया था। उसकी परीक्षा मनमाफिक नहीं गई। इससे आहत होकर वह घर से स्कूटी लेकर निकला और सुसाइड की बात लिखकर पिता और मामा को मैसेज भेजा। अब तक अंश लापता है।
पैसे स्टूडेंट, बीजापुर नगर की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित जरूरत बन चुकी बायपास सड़क आज भी केवल कागज़ों और फाइलों तक सीमित है। बीते 12 वर्षों से बीजापुर बायपास सड़क का प्रस्ताव सरकारी दफ्तरों में धूल खा रहा है, जबकि शहर की सड़कों पर हर दिन बढ़ता यातायात, भारी वाहनों का दबाव और दुर्घटनाओं का खतरा आम नागरिकों की परेशानी को लगातार बढ़ा रहा है।वर्ष 2012-13 के अनुपूरक बजट में शामिल यह बायपास परियोजना आज तक जमीन पर उतर नहीं सकी। तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा द्वारा बायपास का शिलान्यास किया गया था। इसके बाद कांग्रेस सरकार के पाँच वर्ष और वर्तमान भाजपा सरकार के दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य आज भी शुरू नहीं हो पाया।







