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💢लॉग इन पैसे💢सारलखनपुर गांव में देर रात अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से दो लोगों की हत्या कर दी, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई। पुलिस, एसपी और डीआईजी ने मौके पर निरीक्षण किया। मृतकों की पहचान बबलू पटेल और सीमा बैगा के रूप में हुई। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
️विन,विस्तारFollow Usबालोद जिले को देश के पहले नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के आयोजन की कमान मिली है, जो कि नौ जनवरी से शुरू होगा। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। बच्चे इस जंबूरी में पहुंचकर काफी खुश हैं। बच्चों ने बताया कि उन्हें ये उनका दूसरा घर जैसा लग रहा है और समय पर खाना और एक अच्छी व्यवस्था मिल रही है। यहां पर सुवा और डंडा नृत्य के लिए विशेष प्रशिक्षण नौ हजार बच्चों द्वारा किया जा रहा है, जिसके प्रस्तुति वे आयोजन के दौरान देंगे।
सारउत्तर प्रदेश के कासगंज में झूठी शान की खातिर परिजन ने किशोरी की हत्या कर शव को शनिवार रात श्मशान में जला दिया। किशोरी दो दिन पहले गांव निवासी प्रेमी के साथ घर से आगरा चली गई थी। मामला ढोलना थाना क्षेत्र के एक गांव का है।
डिपॉजिट, रविवार को धूप निकलने के बाद मौसम जब अच्छा हुआ तो राजकीय उद्यान पार्क में लोगों की भीड़ दिखी।
जगदीशपुर। रायबरेली सदर के रानानगर शांति अपार्टमेंट निवासी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक सुनील कुमार की कार शनिवार को रायबरेली-अयोध्या हाईवे पर थौरी स्थित आमघाट पुल के पास मवेशी से टकराकर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में सुनील कुमार (40) और उनके पिता शिवनंदन सिंह (65) घायल हो गए, जबकि मां ऊषा सिंह (60) की मौत हो गई।
सारकस्बे के जरतौली मोड़, खैर बस स्टैंड, उसरह बाईपास रोड, सब्जी मंडी, पुलिस चौकी, सिनेमा हॉल, खाटू श्याम मंदिर हैं, लेकिन एक भी तिराहे-चौराहे पर हाई मास्ट लाइटें नहीं लगीं। जरतौली मोड़ जैसे अति व्यस्त रहने वाले तिराहे पर भी स्ट्रीट लाइट ही लगी हैं, उनमें भी अधिकांश खराब हैं।
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गोल्ड लॉग इन नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पहली बार किसी महिला नक्सली ने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। नक्सली गतिविधियों से चार दशक से अधिक समय से जूझ रहे इस जिले के लिए यह एक अहम घटना मानी जा रही है। 1992 के बाद यह पहली बार है कि किसी अन्य राज्य के नक्सली ने मध्य प्रदेश सरकार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
छोटा इनवाइट, 'आजादी के आंदोलन में आदिवासियों का बड़ा योगदान रहा। प्रकृति की पूजा करने वाले आदिवासियों के कारण ही जल, जंगल और जमीन के साथ ही संस्कृति सुरक्षित है। राजस्थान सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।' मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डूंगरपुर में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर राज्य स्तरीय जनजाति गौरव समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में यह बात कही।







