रिसीव
अतिरिक्त विन
कलेक्ट इंस्टेंट, Inc
डिपॉजिट गेट
💢कैश लाइक💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Wed, 31 Dec 2025 08:02 AM IST
️दैनिक कूपन,सारBansur News: बानसूर और हाजीपुर के ऐतिहासिक किले प्रशासनिक उपेक्षा और पुरातत्व विभाग की उदासीनता के कारण खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। 400 साल पुरानी यह गौरवशाली विरासत आज सरकारी अनदेखी के चलते अपना अस्तित्व खो रही है।
बांदा। सदर क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी और उनकी पत्नी व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता द्विवेदी के खिलाफ पत्नी के फर्जी हस्ताक्षर का मामला अब एमपी-एमएलए कोर्ट पहुंच गया है। सीजेएम कोर्ट द्वारा साक्ष्य के अभाव में खारिज किए गए इस मामले को जिला न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। मामले की पहली सुनवाई पांच फरवरी को निर्धारित की गई है।
पुराना वेरिफाई,
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेरPublished by:अजमेर ब्यूरोUpdated Tue, 06 Jan 2026 12:04 AM IST
कमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
नगरा में आयोजित हिंदू सम्मेलन में उपस्थित लोग।संवाद
इनवाइट, सारजिला देहाती प्रधान राजविंदर सिंह राजा लदेह ने कहा कि आप नेता ने सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत की है, अब यह मामला सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धार्मिक संगठनों और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के विरोध का रूप ले चुका है।
इनवाइट ईज़ी बड़वानी। नकली नोट मामले में गुरुवार दोपहर पलसूद थाने में एसपी जगदीश डावर ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसडीओपी राजपुर महेश सुन्नैया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुखलाल भंवर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने मटली रोड से आ रही सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन एमपी 09 सीक्यू 3381 को एकलवारा पुलिया पर रोका। वाहन में सवार भागीराम पिता हमरिया कनोज, 28 वर्ष निवासी ग्राम मटली जिला बड़वानी और गोविंद पिता सुवालाल बांडोद, 19 वर्ष निवासी हीरकराय थाना सिलावद जिला बड़वानी की तलाशी लेने पर उनकी जेब से 500-500 रुपये के कुल 98 नकली नोट बरामद किए गए। आरोपियों के वाहन के पिछले कांच पर भाजपा का चुनाव चिन्ह बना हुआ था। हालांकि आरोपियों के भाजपा से जुड़े होने के कोई प्रमाण सामने नहीं आए है और न ही पुलिस ने इस संबंध में कोई जानकारी दी।
सारTEER (Transcatheter Edge-to-Edge Repair) प्रक्रिया उन मरीजों के लिए सबसे उपयुक्त है जो सर्जरी के लिए उच्च जोखिम वाले वर्ग में आते हैं।
साप्ताहिक मोबाइल, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:संदीप तिवारीUpdated Fri, 09 Jan 2026 07:03 PM IST







