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उत्तरायणी मेला आज से, आएंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, शहर में निकाली जाएगी रंगयात्रा
साइन अप, एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला पांडुपिपरिया में शुक्रवार दोपहर हंगामा मचा रहा। कक्षा 7वीं और 8वीं में पढ़ने वाली छात्राओं ने प्राचार्य कोमल प्रसाद कोरी पर अशोभनीय व्यवहार और अपशब्दों के आरोप लगाए। छात्राओं का आरोप है कि प्राचार्य द्वारा उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है और शौचालय जाने तक पर नजर रखी जाती है। इतना ही नहीं, स्कूल में भोजन बनाने आने वाली महिलाओं से भी प्राचार्य अश्लील टिप्पणी करते हैं।
Civic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालT20 WCबीवी ने मरवा डाला पतिRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?यूपी में एसआईआरWest BengalयूपीBihar News
गडवार/चिलकहर। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया और सुशासन का दावा करते है लेकिर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। हालत यह है कि जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज़ को बनवाना में लोगों का एक से दो हजार रुपये खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, तहसील व ब्लाक चक्कर काटना अलग से हो जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए उनसे 1000 से लेकर 2000 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। कभी सर्वर डाउन, कभी बाबू साहब छुट्टी पर तो कभी दस्तावेज़ अधूरे बताकर वापस कर दिया जाता है। पीड़िता राजकुमारी देवी, ब्रजेश पांडेय, संतोष सिंह, पंकज गुप्ता आदि का कहना है कि दो महीने से दौड़ रहे हैं। हर बार कोई नई कमी निकाल देते हैं। आखिर में साफ़ बोल दिया गया कि 1500 रुपये दे दो, तभी बनेगा।
माघ मेले में आने वाले वाहनों के लिए प्रशासन ने निर्धारित किया स्थान।- फोटो : अमर उजाला।
ट्रांसफर बोनस, गोरखपुर ब्यूरोUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:59 AM IST
रिसीव T20 WCसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालWest Bengalविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?यूपीप्रत्यक्ष कर संग्रह में 9% का उछालदिल्ली में फिर टूटा ठंड का रिकॉर्डअंबरनाथ नगर परिषदBihar News
जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।
विशेष फ्रेंड्स, संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगरUpdated Mon, 12 Jan 2026 10:43 PM IST







