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💢विशेष कैश💢विस्तारFollow Usअनूपपुर जिले के कोतमा स्थित महाराजा मार्तंड महाविद्यालय में छात्रों ने सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रिंसिपल के लापता होने के पोस्टर कैम्पस की दीवारों और शहर के विभिन्न स्थानों पर पर चस्पा कर दिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों का कहना है कि कॉलेज में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। प्रिंसिपल कॉलेज ही नहीं आते। इसके चलते व्यवस्था बिगड़ गई है। कॉलेज के दूसरे प्रोफेसर भी मनमानी पर उतर आए हैं। छात्रों ने 13 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा और इसके बाद अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
️नया कमेंट,
विस्तारFollow Usबालाघाट जिले में शासकीय डॉक्टरों द्वारा नियमों का उल्लंघन कर निजी क्लिनिक संचालित करने के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। विभाग की टीम ने शुक्रवार को दो महिला चिकित्सकों के निजी क्लिनिकों पर छापामार कार्रवाई कर उन्हें सील कर दिया। साथ ही दोनों डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जा रहा है।
कलेक्ट गेम, सारसऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मृत बालोतरा निवासी रमेश मेघवाल का शव एक माह बाद भारत लाया गया। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल के हस्तक्षेप से कानूनी प्रक्रिया पूरी हुई। पार्थिव शरीर दिल्ली होते हुए जयपुर पहुंचा, जहां से परिजनों को सौंपा जाएगा।
सारक्रेडिट कंपनी के शाखा प्रबंधक और तीन अन्य कर्मचारियों ने महिलाओं को दिए गए ऋण की राशि खुद ही डकार ली। अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
छावनी की होलसेल फल एवं सब्जी मंडी में गेट नंबर दो के पास जमा पानी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदाUpdated Tue, 13 Jan 2026 12:05 AM IST
बड़ा रजिस्टर, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) अगले सप्ताह से अधिकतम गति (90 किमी. प्रति घंटा) से मेट्रो के ट्रायल करेगा। सिग्नल, ट्रैकिंग, पावर सिस्टम के बाद अंत में डमी यात्रियों के साथ ट्रायल होगा। इसके बाद अप्रैल से मेट्रो आरबीएस स्टेशन तक चलने लगेगी।
गोल्ड टास्क
चंचल पैकरा ने हासिल किया प्रथम स्थान- फोटो : अमर उजाला
प्रीमियम कैश, सारपीसीसी सचिव ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा में किए गए हालिया बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बताया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में 100 मीटर से कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में खनन की अनुमति दी है। ऐसे में 100 मीटर से नीचे के भूभाग को अब अरावली पहाड़ी नहीं माना जाएगा।







