ईज़ी गेम
विशेष अर्न
गेम, Inc
कलेक्ट स्टूडेंट
💢मेगा पॉइंट्स💢सारचंडीगढ़ के एलांते मॉल में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां बम की सूचना मिली। दल-बल के साथ पहुंची पुलिस टीमों ने चप्पा-चप्पा खंगाला।
️वेरिफाई गेट,विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।
डायमंड वॉच, अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sat, 10 Jan 2026 01:01 PM IST
बिलासपुर शहर में आज करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत का दौरा रहा। उन्होंने शहर पहुंचते ही क्षत्रिय समाज की बड़ी बैठक ली और साफ कहा कि 7 दिसंबर को रायपुर में देशभर का क्षत्रिय समाज एकजुट होकर जबरदस्त प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन वीरेंद्र सिंह तोमर के समर्थन में किया जाएगा, जिनके साथ पुलिस द्वारा की गई कथित अभद्रता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश बढ़ रहा है।
मारपीट से आक्रोशित कोतवाली के बाहर प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी। स्रोत- संवाद
उत्तराखंड में चंपावत जिले के प्रसिद्व धार्मिक स्थल पूर्णागिरी को हेली सेवा से जोड़ने की तैयारी है। इससे तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को पूर्णागिरी तक पहुंचने में आसानी होगी।
रजिस्टर फ्रेंड्स, विस्तारFollow Usबिलासपुर रेल हादसे में मृत लोको पायलट विद्यासागर कुशवाहा की तीनों बेटियों की शिक्षा एवं विवाह का जिम्मा क्लीन कोल इन्टरप्राईजेस प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी ने लिया है। कम्पनी के संचालक संजय अग्रवाल ने लिखित पत्र जिला कलेक्टर एवं डीआरएम रेल्वे बिलासपुर को सौंपा है। कम्पनी ने हादसे में मृत लोगों के बच्चों की संपूर्ण शिक्षा में सहयोग करने का भी वचन दिया है।
पैसे बिजनौर/बेगावाला। रावली स्थित गोशाला में संरक्षित पशुओं की दुर्दशा हो रही है। भीषण ठंड में पशुओं को सर्दी से बचाव के इंतजाम नहीं मिले। वहीं दो पशुओं के शव और दो के कंकाल खुले में पड़े देख बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मौके पर हंगामा किया। साथ ही पशुओं की हड्डियां भी गोशाला परिसर में इधर-उधर पड़ी मिली। हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे एडीओ ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर शवों को जमीन में दबाया।
सारसुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बड़े-बड़े दावों के बावजूद, सुदूर आदिवासी इलाकों में जमीनी हकीकत चिंताजनक बनी हुई है।
ईज़ी रिसीव, अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुरPublished by:Digvijay SinghUpdated Sat, 20 Dec 2025 04:58 PM IST







