मेगा वीडियो
सर्वे
सर्वे ईज़ी, Inc
मासिक स्टूडेंट
💢डाउनलोड💢बिजनौर। जिले के प्रभारी मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शनिवार को महात्मा विदुर सभागार में पत्रकार वार्ता में वीबी जी राम जी की विशेषताओं का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि योजना में पहले 100 दिन रोजगार देने की गारंटी थी। अब पंजीकृत श्रमिक को 125 दिन रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए फसल कटाई, बुवाई के समय कुल मिलाकर 60 दिन कार्य बाधित रहेगा। इससे किसानों को श्रमिकों को लेकर परेशानी नहीं होगी। योजना के तहत अगर श्रमिकों को समयावधि में भुगतान नहीं होता है, तो उन्हें ब्याज के साथ मजदूरी की धनराशि दी जाएगी।
️कम्पलीट,
सारबूंदी में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोतवाली पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया। घटना 20 सितंबर को हुई थी, जब सफेद क्रेटा कार में आए अज्ञात हमलावरों ने सुरेश अग्रवाल पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया और फरार हो गए थे।
इंस्टेंट ऑनलाइन, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:आनंद पवारUpdated Sun, 11 Jan 2026 02:29 PM IST
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
कमेंटकमेंटX😊अति सुंदर😎बहुत खूब👌अति उत्तम भाव👍बहुत बढ़िया..🤩लाजवाब🤩बेहतरीन🙌क्या खूब कहा😔बहुत मार्मिक😀वाह! वाह! क्या बात है!🤗शानदार👌गजब🙏छा गये आप👏तालियां✌शाबाश😍जबरदस्त
सिल्वर वीडियो, विस्तारFollow Usबीजापुर जिले के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के पील्लूर केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल की 214 वाहिनी कैंप पील्लूर की टीम द्वारा एरिया डॉमिनेशन एवं डीमाईनिंग अभियान के दौरान एक प्रेशर आईईडी बरामद कर उसे वहीं निष्क्रिय किया गया। मिली जानकारी के मुताबिक माओवादियों द्वारा पील्लूर मरवाड़ा मार्ग से लगभग 300 मीटर अंदर एक कच्चे रास्ते पर यह आईईडी लगाया गया था।
टास्क अमर उजाला नेटवर्क, रायपुरPublished by:अमन कोशलेUpdated Sun, 11 Jan 2026 10:58 AM IST
इंस्टेंट, विस्तारFollow Usछत्तीसगढ़ में 14 नवंबर 2025 से शुरू हुआ धान खरीदी अभियान अब महाअभियान का रूप ले चुका है। राज्य में अब तक 16.95 लाख पंजीकृत किसानों से 93.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। समर्थन मूल्य के तहत किसानों को अब तक 20 हजार 753 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में दी जा चुकी है। समय पर भुगतान से न केवल किसानों का भरोसा बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।







