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💢सब्सक्राइब💢सारभिंड में एक साइबर ठग ने टीआई को ही ठगने की कोशिश की, मगर उसकी चालाकी उलटी पड़ गई। खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले ठग की लोकेशन टीआई ने ट्रेस कर ली, जो झारखंड के जामताड़ा की निकली। हालांकि जब तक पुलिस ठग को पकड़ने पहुंची वो वहां से फरार हो चुका था।
️फ्रेंड्स कलेक्ट,अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौरPublished by:मोहम्मद मुस्तकीमUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:10 AM IST
सलूणी (चंबा)। ग्राम पंचायत किहार स्थित मंगला माता मंदिर प्रांगण में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान राम आएंगे भजन पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे और मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में धर्म, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर सार्थक चर्चा की गई।
वीआईपी अर्न,
ज्योतिर्मठ के सुनील वार्ड में शराब बंदी को लेकर बैठक करते ग्रामीण। स्रोत जागरूक पाठक
कैदी ने जेल की छत से कूदकर की आत्महत्या- फोटो : credit
वॉच मोबाइल, बिहार में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ठंड के साथ घना कोहरा लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पटना, गया, जहानाबाद, अरवल और नालंदा में शीत दिवस का अलर्ट जारी किया गया है। इतना नहीं पटना, गया समेत में आज अहले सुबह से घना कोहरा छाया है। इससे दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के कई जिलों में मंगलवार को घने से बहुत घने कोहरे की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और कुछ जिलों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
क्लिक कमेंट T20 WCविकसित भारत युवा नेतृत्व संवादकौन है अरिहा शाह?अंबरनाथ नगर परिषदयूनियन बजट 2026-27भोपाल के रहमान डकैत की पूरी कहानीखुदरा महंगाई दर में उछालJagdeep DhankharShikhar Dhawan Engagement'मैं मुंबई आऊंगा, हिम्मत है तो मेरे पैर...'
विस्तारFollow Usभरतपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के जघन्य मामले में विशिष्ट पॉक्सो न्यायालय संख्या-2 ने आरोपी मूलचंद मीणा को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी का पुत्र साहब सिंह पहले ही इसी मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। न्यायाधीश सचिन गुप्ता की अदालत ने नौ साल पुराने इस मामले में अंतिम फैसला सुनाया।
रजिस्टर वेरिफाई, जाति है कि जाती नहीं... बिहार के लिए हमेशा यह कहा जाता रहा है। चुनावों में तो खासकर। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नीतीश कुमार सरकार की वापसी के लिए मतदाताओं ने इन कहावतों को किनारे कर एकतरफा मतदान किया। परिणाम सामने है। यादव और मुस्लिम के नाम का समीकरण रखने वाली पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। इसके साथ ही एक बात चर्चा में आ गई कि अरसे बाद बिहार विधानसभा एक खास जाति के दबदबे से बाहर निकल रहा है। इस बार विधायकों का जातीय समीकरण बहुत हद तक अलग है। दलित भी खूब हैं, सवर्ण भी मजबूत। देखिए, पूरा गणित।







