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️ऑनलाइन,मध्यप्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट-2026 का आयोजन 11 और 12 जनवरी 2026 को रवींद्र भवन, भोपाल में किया जा रहा है। यह दो दिवसीय शिखर सम्मेलन देशभर के स्टार्टअप्स, निवेशकों, इनक्यूबेटर्स, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, एफपीओ, एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रमुख भागीदारों को एक साझा मंच पर लाएगा। समिट के माध्यम से राज्य के नीति-आधारित सुधारों, निवेश अवसरों, नवाचारों और प्रेरक स्टार्टअप सफलता कहानियों को प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही यह सम्मेलन नेटवर्किंग, सीखने और सहयोग के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगा।
एशिया की सबसे बड़ी महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में पेट्रोल-डीजल चोरी बढ़ी, सेना ने 40 गांवों को चेतावनी पत्र जारी कर अवैध प्रवेश पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की, संतरी हथियार के साथ तैनात रहेंगे।
अतिरिक्त सर्वे, चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के अधिकारी और कर्मचारी अब मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी दर्ज करेंगे। निगम प्रबंधन के अनुसार मोबाइल एप से लगाई गई हाजिरी की जानकारी सीधे हेड ऑफिस तक पहुंचेगी। इससे कर्मचारियों की समयपालन व्यवस्था पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी और फील्ड वर्क सहित कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता आएगी।
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटनाPublished by:कृष्ण बल्लभ नारायणUpdated Sat, 27 Dec 2025 09:27 AM IST
नौगढ़। भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को स्थानीय दुर्गा मंदिर पोखरा से जय मोहनी रेंज तक लाल झंडे के साथ लाठी मार्च निकाला। हाथों में लाठी और लाल झंडे लेकर कार्यकर्ता इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए बाजार पूरे बाजार का भ्रमण किया।
मोबाइल फ्रेंड्स, सारसंत समाज और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध के बाद अब कंप्यूटर बाबा ने भी इसका विरोध जताया है। भिंड में उन्होंने कहा कि रामलीला अध्यक्ष की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोजकों को पहले विचार करना चाहिए कि किसे कौन-सा किरदार दिया जाए।
साप्ताहिक पॉइंट्स विस्तारFollow Usउत्तराखंड में इस साल कम बर्फबारी और बारिश ने राज्य की आर्थिकी पर गहरी चोट की है। इससे न सिर्फ पहाड़ों में पर्यटन कारोबार प्रभावित हुआ है बल्कि फसलों पर भी मार पड़ी है। यही नहीं बारिश और बर्फबारी न होने से जंगल में आग की घटनाएं भी बढ़ी हैं। स्थिति यह है कि 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ में आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की चादर जम जाती थी, लेकिन इस वर्ष जनवरी के करीब मध्य तक क्षेत्र पूरी तरह बर्फ विहीन बना हुआ है। यहां पर पहली बार ऐसी स्थिति देखी जा रही है। इससे विशेषज्ञ भी पौधों के प्राकृतिक जीवन चक्र प्रभावित होने की आंशका जता रहे हैं। राहत की बात है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ाPublished by:भीलवाड़ा ब्यूरोUpdated Wed, 03 Dec 2025 09:15 PM IST
लाइक डिस्काउंट, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:38 PM IST







