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💢पुराना कमेंट💢आईईडी की चपेट में आने से ग्रामीण घायल- फोटो : अमर उजाला
️विशेष ऑनलाइन,विस्तारFollow Usमध्य प्रदेश के बैतूल जिले के थाना गंज क्षेत्र में धार्मिक भावनाओं को आहत करने की एक गंभीर घटना सामने आई है। हिंदू सम्मेलन के अवसर पर लगाए गए भगवा झंडों को रात के समय उतारकर जलाने के मामले में गंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
हरियाणा में सोमवार की सुबह शीत लहर से हुई। रविवार को जीटी रोड के जिलों, सोनीपत, नारनौल समेत अनेक स्थानों पर सुबह के समय कोहरा छाया रहा।
इनाम विज़िट, वैशाली जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। विक्रम सिंहाग ने सोमवार को औपचारिक रूप से वैशाली के नए एसपी के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालते ही उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। एसपी विक्रम सिंहाग ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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सारपैसे के विवाद को लेकर एक नाबालिग बेटे ने अपनी ही मां की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। मामूली कहासुनी के बाद हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है
संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।
कमेंट, सारजिले के नन्द गांव में अज्ञात लोगों द्वारा गौवंश की हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध जताया, जिसे प्रशासन ने समझाइश देकर शांत कराया।
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विस्तारFollow Usगणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2026 के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद आजीवन कारावास के बंदियों को बड़ी राहत दी है। जेल विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद कुल 481 आजीवन दंडित बंदियों के मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से 87 बंदियों को समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र पाया गया है। वहीं, 394 बंदियों को निर्धारित शर्तें पूरी न होने के कारण अपात्र घोषित किया गया है। यह निर्णय दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व आदेश के तहत गठित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, बंदियों के आचरण, अपराध की पृष्ठभूमि और अन्य तथ्यों का गहन परीक्षण किया।
कैश क्लिक, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपालPublished by:भोपाल ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 11:02 PM IST







