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💢लॉग इन विन💢सारपंजाब के बरनाला में पुलिस ने गांव के सरपंच को उसके साथियों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सरपंच ने वसूली गैंग बनाया हुआ था। आरोपियों से हथियार भी मिले हैं। आरोपी पंजाब सिंगर पर हमले की प्लानिंग कर रहे थे।
️डायमंड सब्सक्राइब,कोसी तिरहुत समेत कई प्रमंडल में खेतों में कोहरा देखा गया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंजPublished by:विजय पुंडीरUpdated Tue, 16 Dec 2025 11:53 AM IST
डिपॉजिट, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर।Published by:Krishan SinghUpdated Mon, 12 Jan 2026 12:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशालीPublished by:तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 12 Jan 2026 02:36 PM IST
डायमंड वीडियो, वाराणसी ब्यूरोUpdated Sun, 11 Jan 2026 01:11 AM IST
विशेष ईज़ी पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का सीधा असर अब मैदानी इलाकों में दिख रहा है। मध्यप्रदेश में उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने ठंड की धार और तेज कर दी है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां दिन की धूप भी राहत नहीं दे पा रही और रातें कंपकंपाने को मजबूर कर रही हैं। सोमवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं का मेल लोगों के लिए दोहरी मार बन गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन तक इसी तरह की सख्त ठंड बनी रहेगी, जबकि भोपाल और इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे रह सकता है।मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में स्थित होने के कारण ग्वालियर-चंबल में ठंड का असर ज्यादा तीखा है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर और दतिया में दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.5, दतिया में 20.1 और श्योपुर में 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रात की ठंड ने लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
विस्तारFollow Usआज शुक्रवार को बेमेतरा जिले के कठिया गांव में छत्तीसगढ़ बांस तीर्थ संकल्पना सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल समेत जिले के जनप्रतिनिधि मौजदू थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बांस के महत्व, इसके आर्थिक लाभ तथा किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण प्रयासों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांस को घास की श्रेणी में शामिल करने के ऐतिहासिक फैसले ने किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।
रजिस्टर,







