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विशेष लाइक
💢विज़िट स्टूडेंट💢विस्तारFollow Usबूंदी के करवर थाना क्षेत्र में हाल ही में नीलगायों के शिकार की घटनाओं से मचे हड़कंप के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में नीलगायों को दौड़ाकर शिकार करते हुए का वीडियो मिला है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी से वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में अहम सुराग हाथ लगे हैं।
️कलेक्ट कमाई,रामरायपुर में सड़क सुरक्षा अभियान चलाते राजकीय महाविद्यालय के छात्र। स्रोत-महाविद्यालय
टनकपुर के तहसील सभागार में टैक्सी बाइक चालक और टुक-टुक यूनियन की बैठक लेते एसडीएम आकाश जोशी। सं
रिसीव,
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुरUpdated Sun, 11 Jan 2026 11:52 PM IST
भीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।
डाउनलोड कमाई, Donald TrumpIranCivic Pollsसोना-चांदी में ऐतिहासिक उछालविक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणीT20 WCRCB vs UPकौन है अरिहा शाह?बीवी ने मरवा डाला पतिWest Bengal
डायमंड लाइक नहटौर के गांव पपसरा में अब्दुल मन्नान के गोदामनुमा कमरे में रविवार देर रात आग लग गई। वहां रखा जींस व लहंगों का तैयार व कच्चा माल, घरेलू सामान और अन्य उपयोगी वस्तुएं जलकर राख हो गईं। पीड़ित के अनुसार आग से उसे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
पूर्णिया में 24 वर्षीय युवती के साथ हुई दरिंदगी के मामले में पूर्णिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी मोहम्मद जुनैद को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल अन्य पांच आरोपियों की तलाश के लिए छापामारी तेज कर दी गई है। इस बीच, पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए जीएमसीएच (GMCH) भेजा गया, जहां उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
लाइक लॉग इन, दबतोरी/म्याऊं। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों में रविवार को मरीज पहुंचे। दबतोरी और म्याऊं स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया और चिकित्सकों से परामर्श लिया। मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों के चलते मेलों में सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और एलर्जी से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही।







