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️नया वेरिफाई,भिवानी। जिले के पांच खंड तोशाम, कैरू, सिवानी, लोहारू और बहल क्षेत्र के करीब 170 गांवों का भूमिगत जल पाताल में पहुंच गया है। यही वजह है कि 800 से 900 फीट गहराई में भूमिगत जल दोहन के लिए लगाए गए बोरवेल रासायनिक तत्व उगल रहे हैं जिनसे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है। भूमिगत जल की विद्युत चालकता (ईसी) 6000 के पार पहुंच गई है वहीं टीडीएस, हार्डनेस और फ्लोराइड की मात्रा भी सामान्य से तीन गुना तक आंकी जा रही है।
सारप्रदेश में 12 जनवरी से “संकल्प से समाधान” अभियान शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। यह अभियान चार चरणों में 31 मार्च 2026 तक चलेगा और सभी शिकायतों का समाधान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।
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अस्पताल में भर्ती कराया गया नवजात शिशु- फोटो : अमर उजाला
जिले के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की बूंदी रेंज के खटकड़ क्षेत्र में एक पैंथर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रथम दृष्टया पैंथर की मौत बीमारी के चलते होना प्रतीत हो रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को पैंथर के घायल अवस्था में होने की सूचना दी थी, जिस पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी।
कमेंट शेयर, बूंदी के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व की खटकड़ क्षेत्र में एक पैंथर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रथम दृष्टया बीमारी से मौत की आशंका है। वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराया है। रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
सुपर बोनस न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुरPublished by:बुरहानपुर ब्यूरोUpdated Sun, 27 Jul 2025 07:38 PM IST
दलित महिला की हत्या के विरोध में शहर बंद कर लोगों ने प्रदर्शन किया।
अर्न इंस्टेंट, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने मध्यप्रदेश की जल गुणवत्ता जांच व्यवस्था की गंभीर पोल खोल दी है। इस घटना के बाद जांच की सुई सीधे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग पर टिक गई है, जो प्रदेश में पेयजल और औद्योगिक जल की गुणवत्ता जांच का जिम्मा संभालता है। हैरानी की बात यह है कि प्रदेशभर में 155 प्रयोगशालाएं होने के बावजूद पूरे मध्यप्रदेश में सिर्फ तीन नियमित केमिस्ट पदस्थ हैं।







