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💢कैश ऐप💢न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंडPublished by:अर्पित याज्ञनिकUpdated Fri, 31 Oct 2025 08:21 AM IST
️लॉग इन,चंबा। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बाट पंचायत के चैन लाल ने बागवानी में सफलता हासिल की है। उन्होंने बगीचा तैयार कर एक हजार कीवी के पौधे लगाए हैं। इनमें अब उन्हें सालाना 15 लाख रुपये की कमाई हो रही है। वह क्षेत्र में कीवी बागवान के रूप में पहचाने जाने लगे हैं।
गेम फ्री, विस्तारFollow Usभीलवाड़ा जिले के इंरास गांव में अंधविश्वास के कारण एक नौ महीने के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मामूली सर्दी-जुकाम और सांस लेने में परेशानी से पीड़ित बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय परिजन गांव के भोपा (झाड़-फूंक करने वाले) के पास ले गए। भोपा ने इलाज के नाम पर गर्म सरिए से बच्चे के शरीर पर कई जगह दाग लगा दिए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई और तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद शनिवार रात मासूम ने दम तोड़ दिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावतUpdated Fri, 09 Jan 2026 11:11 PM IST
अतिरिक्त ट्रांसफर, न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Mon, 29 Dec 2025 05:42 PM IST
डाउनलोड पॉइंट्स जिले के सटई थाना क्षेत्र के विजयपुर गांव से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां मछली पकड़ने के दौरान जाल निकालने के प्रयास में एक मछुआरे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने उसके साथी मछुआरे पर लापरवाही बरतने और जान-बूझकर जोखिम में डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुरPublished by:छतरपुर ब्यूरोUpdated Tue, 06 Jan 2026 11:52 PM IST
इंस्टेंट सब्सक्राइब, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में साहस, समर्पण और उत्कृष्ट पुलिसिंग का परिचय देने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के 61 अधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी सौगात मिली है। पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश भोपाल ने बालाघाट जिले में नक्सल विरोधी अभियानों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति देने के आदेश जारी किए हैं। इसमें उप निरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार, 14 जून 2025 को बालाघाट जिले के थाना रूपझर क्षेत्र अंतर्गत पचमादर-कटंगीया पहाड़ी जंगल क्षेत्र में पुलिस बल द्वारा अपनी जान की परवाह किए बिना वांछित और सक्रिय नक्सलियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई थी। इस अभियान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई कर सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की थी।







